24 नवंबर से शुरू होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल, बालोद के पीड़ित शिक्षक भी हुए रायपुर के धरना में शामिल
रायपुर/बालोद – छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तीकरण प्रक्रिया से उत्पन्न गंभीर अव्यवस्थाओं, वरिष्ठता निर्धारण की त्रुटियों, न्यायालयीन प्रकरणों के बावजूद वेतन-रोके जाने, तथा नियम विरुद्ध पदस्थापना-पदांकन जैसी समस्याओं के विरोध में युक्तियुक्तीकरण पीड़ित शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ द्वारा 14 नवंबर 2025 को रायपुर स्थित निर्धारित धरना स्थल पर एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों ने एकजुट होकर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्थाओं के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि वर्तमान युक्तियुक्तीकरण प्रक्रिया ने हजारों शिक्षक परिवारों को आर्थिक, मानसिक और प्रशासनिक विपरीत परिस्थितियों में धकेल दिया है।

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन
धरना उपरांत शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर रायपुर तथा जिला पुलिस अधीक्षक रायपुर को मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में निम्न प्रमुख मुद्दे उठाए गए—
वरिष्ठता निर्धारण में गंभीर त्रुटियाँ
कनिष्ठ शिक्षकों को प्राथमिकता देकर वरिष्ठों को अनुचित रूप से “अतिशेष” घोषित करना
वास्तविक रिक्त पदों को छिपाकर मनमानी पदांकन
पति-पत्नी आधार एवं गंभीर बीमारी आधारित मामलों की अनदेखी
न्यायालयीन मामले के बावजूद 5–6 महीने से वेतन रोककर आर्थिक उत्पीड़न
समितियों में अभ्यावेदन न लेना या निष्पक्ष सुनवाई न करना
नियमों को दरकिनार कर अनुचित स्थानांतरण और समन्वय अनुमोदन का दुरुपयोग
अंग्रेजी माध्यम एवं विषयवार पदों पर गंभीर विसंगतियाँ
शिक्षक प्रतिनिधियों ने कहा कि यह स्थिति न केवल शिक्षा विभाग, बल्कि शासन के लिए भी गंभीर चेतावनी है, क्योंकि विभागीय मनमानी ने शिक्षकों के मनोबल को गहरा आघात पहुंचाया है।
24 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
संघ ने स्पष्ट कर दिया कि यदि 14 नवंबर को दिए गए ज्ञापन पर उचित कार्यवाही नहीं होती, तो 24 नवंबर 2025 से युक्तियुक्तीकरण पीड़ित शिक्षक संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल करेगा। शिक्षक नेताओं ने कहा कि यह संघर्ष किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि ✔ पारदर्शिता, ✔ न्याय, ✔ नियमों के पालन और ✔ सम्मानजनक सेवा-परिस्थितियों के लिए है।
धरना स्थल पर प्रमुख वक्ताओं के विचार
वक्ताओं ने कहा कि “हमें युक्तियुक्तीकरण से बैर नहीं, अन्याय और अफसरशाही की मनमानी से लड़ाई है।” “नियमों को ताक पर रखकर की जा रही प्रक्रियाएँ शिक्षा व्यवस्था को नष्ट कर रही हैं।” “भ्रष्टाचार, पदप्रभाव, और अपारदर्शी निर्णयों ने प्रणाली को खोखला कर दिया है।” “समस्याओं का समाधान तत्काल न हुआ तो शिक्षक समुदाय बड़े आंदोलन को विवश होगा।”
संघ की मांग — त्वरित और न्यायसंगत समाधान
संघ ने शासन से निम्नलिखित मांगें की जैसे वरिष्ठता व विभागीय त्रुटियों का पुनरीक्षण, वास्तविक रिक्त पदों का प्रकाशन, अतिशेष घोषणा की संशोधित सूची, पति-पत्नी आधार व बीमारी-आधारित मामलों में नियम अनुसार राहत, रोका गया वेतन तत्काल जारी, युक्तियुक्तीकरण प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच हो। आज का एक दिवसीय धरना शिक्षक समुदाय की पीड़ा का प्रतीक रहा। अब यह शासन पर है कि वह समस्या का समाधान करे या 24 नवंबर से राज्यभर में शिक्षकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का सामना करे।
