बालोद/ गुरुर– बालोद जिले के जेवरतला गांव में बीते दिनों एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार को लेकर जमकर बवाल हुआ, क्षेत्र में बढ़ते धर्मांतरण के खिलाफ ग्रामीणों और बजरंग दल के साथियों ने जमकर विरोध किया और मतांतरित परिवार में एक ग्रामीण की मौत होने पर उनका अंतिम संस्कार ग्राम में नहीं करने दिया गया। जानकारी अनुसार एक 50 वर्ष के साहू परिवार के व्यक्ति की इलाज के दौरान रायपुर के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी उसके शव को परिजन गांव लेकर आये थे लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध किया इसके बाद शव को गांव से 5 किलोमीटर दूर ही एंबुलेंस में रखा गया था । मृतक और उसके परिवार पर धर्म परिवर्तन कर ईसाई धर्म अपनाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने शव को गांव में लाने नहीं दिया। साथ ही गांव में अंतिम संस्कार करने को लेकर भी विरोध जताया। रविवार को ग्रामीणों के बैठक के बाद अब शव को सांकरा के कब्रिस्तान में दफनाया गया। बालोद में धर्म बदल चुके उक्त व्यक्ति के शव दफनाने को लेकर बवाल दो दिनों तक जारी रहा। प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी गांव में मौजूद रहे और स्थिति को शांत करने की कोशिश की गई। प्रशासन ने रात में शव को बालोद में रखवाया। बैठक के बाद पंचनामा तैयार कर निर्णय लिया गया कि शव को धमतरी के कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा हालांकि मृतक के परिजन अंतिम दर्शन के लिए शव को घर लाने की बात पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने मृतक साहू के शव को गांव लाने की अनुमति नहीं देने की बात पर अड़े रहे।

इधर घटना के सूचना मिलते ही हिंदू संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जेवरतला पहुंचे थे और ग्रामीणों से चर्चा की। हिंदू संगठन के सदस्यों ने कहा कि अरमरीकला के आसपास इसाई पास्टरों के द्वारा कुछ हिंदू परिवारों को गरीबी और बीमारी दूर करने के झांसा देकर अरमरी कला के कॉलेज पहुंच मार्ग पर एक सूने मकान पर अवैध प्रार्थना सभा एवं धर्मांतरण का खेल लंबे समय से चल रहा है। जिसकी जानकारी शासन प्रशासन को है परंतु उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं किया जा रहा है जो की एक गंभीर मामला है। ईसाई धर्म को लेकर कभी भी बड़े घटना होने की संभावना क्षेत्र में बनी हुई है। समय रहते अगर इन पर कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है। ग्रामीणों ने शव को गांव में लाने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद मृत के परिजन शव को सांकरा के कब्रिस्तान में दफनाया गया। हिंदू संगठन के स्वप्निल शर्मा, जिला सह संयोजक बजरंगदल, पंकज साहू प्रखंड संयोजक ,विजय कोसरिया नगर संयोजक , रवि सोनकर संगठन प्रमुख आकाश शर्मा ने शासन प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में अवैध प्रार्थना सभा एवं धर्मांतरण को तत्काल बंद किया जाए ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था सामाजिक एवं धार्मिक समरसता बनी रहे। हिंदू समाज से ईसाई धर्म अपनाने वालों को लेकर क्षेत्र की प्रत्येक गांव में ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। जिसका जीता जागता उदाहरण ग्राम जेवरतला में देखने को मिला है। समाचार के माध्यम से यह जानकारी दी है कि क्षेत्र में अवैध प्रार्थना सभा एवं धर्मांतरण का खेल इसाई धर्म मीशनरी पास्टर के द्वारा दिन में सुबह से रविवार को दोपहर 2:00 तक अवैध प्रार्थना सभा एवं धर्मांतरण का खेल खेला जा रहा था, जिसे बड़ी चालाकी के साथ समय को परिवर्तन करते हुए शाम 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक अवैध प्रार्थना सभा एवं धर्मांतरण बड़ी संख्या में कराया जा रहा है, जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी विरोध है कि इसे तत्काल बंद कराया जाए।
धर्मांतरण को देखते हुए जेवरतला में बजरंगदल का भी गठन

उमेश कुमार सेन विश्व हिंदू परिषद जिला सह मंत्री ने बताया क्षेत्र में बढ़ते धर्मांतरण को देखते हुए जेवरतला में बजरंगदल का भी गठन किया गया है, जिसमे विभिन्न दायित्व दिए गए हैं, जो क्षेत्र के हिंदुत्व संबंधी समस्याओं को लेकर हमेशा उस स्थान में कार्यरत रहेंगे। खंड अध्यक्ष-हुसैन साहू , ग्राम संयोजक – गुलाबचंद सार्वा,ग्राम सहसंयोजक -रूपेश कुमार , सुरक्षा प्रमुख-दीपक अग्रवाल ,सत्संग प्रमुख -हरीश कुमार साहू ,विद्यार्थी प्रमुख – डेविड साहू बनाए गए हैं इसी तरह सदस्य में- प्रदीप , दुष्यंत, एश कुमार ,नीतीश ,रविकांत ,खुलेश्वर,खिलेश्वर ,शीतल ,वेद प्रकाश ,सोहन ,किशन ,दीपक ,उमेश ,कोमेश्वर,अर्जुन ,पोषण ,सत्येंद्र ,सत्यप्रकाश ,लोकेंद्र को संगठन की नई दायित्व सौपी गई,। उक्त गठन पर सभी सदस्यों को स्वप्निल शर्मा (जिला सहसंयोजक बजरंग दल बालोद ),पूरन लाल साहू ( जिला बलोपासना प्रमुख),पंकज साहू प्रखंड संयोजक गुंडरदेही,विजय कोशरिया( नगर संयोजक गुंडरदेही),रविकांत सोनकर( विधि प्रकोष्ठ गुंडरदेही ),आकाश शास्त्री (VHP),चंदन पटेल मिडिया प्रभारी ने बधाई दी।
