किसान रहे सावधान- फसल कटाई के दौरान अगर आंख मे कुछ चला जाए तो बिना डाक्टरी के सलाह के न ले सस्ती आई ड्रॉप, हो सकता है फंगल कॉर्नियल अल्सर



गुरुर– इन दिनों ग्रामीण अंचलों में धान कटाई का कार्य जोरों पर चल रहा है। खेतों में काम कर रहे किसानों के इस दौरान आंखों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि धूल मिट्टी से आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। अगर धान कटाई-मिंजाई के दौरान आंखों में कचरा-धूल मिट्टी घुस जाए, तो तत्काल नेत्र रोग चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरुर में पदस्थ नेत्र चिकित्सा अधिकारी डिगेश देवदास ने बताया कि धान की कटाई के दौरान अक्सर बाली आंख में लग जाती है, जिससे आंख की सतह (कॉर्निया) पर चोट पहुंचती है। ऐसी स्थिति में कई किसान बिना परामर्श के मेडिकल दुकानों से सस्ती और गलत स्टेरॉयड आई ड्राप खरीदकर लगा लेते हैं। इससे फंगल कॉर्नियल अल्सर हो जाता है, जिसके कारण आंख पर स्थायी धब्बा (स्पॉट) आ जाती है और दृष्टि क्षीण हो जाती है। चिकित्सक की सलाह के बिना दवाई या ड्राप लगाने से बचें।

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील भारती ने कहा अगर आंख में कोई चोट हो जाए तो स्वयं दवा का प्रयोग न करें। तुरंत नेत्र चिकित्सक से परामर्श लेकर उचित उपचार कराएं। चिकित्सक द्वारा दी गई दवा या ड्राप लगाने से आंख पूरी तरह सुरक्षित रखी जा सकती है और दृष्टि हानि से बचा जा सकता है। साथ ही वरिष्ठ नेत्र चिकित्सा अधिकारी अनिल सिन्हा ने किसानों को सलाह दी है कि धान कटाई के दौरान सुरक्षात्मक चश्मा पहनें, ताकि इस तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।

You cannot copy content of this page