DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

लाटाबोड़ के डॉ वीरेंद्र गंजीर को मिला फिजियो आइकन अवार्ड, सरकारी नौकरी छोड़ 4 साल से चला रहे हैं गांव में फिजियोथैरेपी सेंटर

बालोद। विगत 9 नवंबर को रायपुर में आयोजित द्वितीय राष्ट्रीय संगोष्ठी फिजियोकॉन छत्तीसगढ़ में देश के विभिन्न शहरों में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में कार्य कर रहे फिजीयो चिकित्सक सम्मिलित हुए। जिसका आयोजन इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथैरेपिस्ट के द्वारा किया गया था। जिसमें प्रख्यात फिजियो चिकित्सक, क्लिनिकल एक्सपर्ट एवं शोधकर्ता सम्मिलित हुए। उक्त कॉन्फ्रेंस में ग्रामीण क्षेत्र में आधुनिक भौतिक चिकित्सा सेवा हेतु बालोद जिले के डॉ. वीरेन्द्र गंजीर को फिजियो आइकॉन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इनके द्वारा देश व राज्य का पहला फिजियोथैपी चिकित्सा केंद्र स्थापित किया गया है। जो किसी गांव में संचालित हो रहा है। पहले वे स्वयं स्वास्थ्य विभाग बालोद जिला में पदस्थ थे। पर कोरोना काल के बाद उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़कर सेवा भाव से 4 साल पहले अपने घर लाटाबोड़ में फिजियोथैरेपी केंद्र शुरू किया। जहां वे 10 साल तक के छोटे बच्चों का निशुल्क इलाज भी करते हैं। अब तक कई बच्चों का इलाज किया जा चुका है। वर्तमान में 30 बच्चों का इलाज जारी है। कई लोग जो लंबे समय से नसों में दर्द की परेशानी से जूझ रहे हैं उनका भी उनके द्वारा सफल इलाज फिजियोथेरेपी के माध्यम से किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में उनके द्वारा यह सेवा केंद्र शुरू होने से लोगों को बड़े शहरों में जाना नहीं पड़ता है। कम खर्चे में ही उनका गांव के आधुनिक भौतिक चिकित्सा सेवा केंद्र में ही इलाज हो जाता है।

स्वास्थ्य मंत्री थे आयोजन के मुख्य अतिथि

इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरपिस्ट, छत्तीसगढ़ स्टेट ब्रांच द्वारा द्वितीय सी.जी. फिजियोकॉन 2025 का भव्य आयोजन रविवार को शहीद स्मारक सभागार रायपुर में उत्साहपूर्वक किया गया। इस वर्ष का थीम फिजियो को सशक्त बनाकर राष्ट्र को सशक्त बनाना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल थे। विशेष अतिथि के रूप में वार्निका शर्मा (स्टेट चिल्ड्रन वेलफेयर बोर्ड) एवं डॉ. संजीव झा (राष्ट्रीय अध्यक्ष, इंडियन एसोसिएशन ऑफफिजियोथेरपिस्ट) उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में घोषणा की कि प्रदेश में 6 नए शासकीय फिजियोथेरपी कॉलेज खोले जा रहे हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब फिजियोथेरपी सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि अब तक फिजियोथेरपी सुविधाओं का लाभ मुख्यतः शहरी क्षेत्रों तक सीमित था, परंतु नए कॉलेज खुलने से न केवल ग्रामीण जनसंख्या को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा, बल्कि फिजियोथेरपिस्ट एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। इस सम्मेलन में प्रदेश भर से तथा पड़ोसी राज्यों से लगभग 500 फिजियोथेरपिस्टों ने सहभागिता की। आयोजन के दौरान कई वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें फिजियोथेरपी के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध और तकनीकी प्रगति पर चर्चा की गई। ज्ञात हो कि फिजियोथेरेपी जनस्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण आधार है, जो रोग-निवारण, पुनर्वास और स्वस्थ जीवनशैली के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। राज्य सरकार भी चिकित्सा सेवाओं के हर क्षेत्र को सशक्त बनाते हुए, स्वस्थ और सक्षम छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सतत प्रयासरत है। बता दें कि फिजियोथेरेपी चिकित्सा दर्द रहित दर्द निवारण उपचार पद्धति है, जिसमें कोई साइड इफेक्ट नहीं होने के कारण मांग दिनों दिनों बढ़ती जा रही है।

You cannot copy content of this page