बालोद। नाबार्ड के सौजन्य एवं सहयोगी जन कल्याण समिति के सहयोग से महिला कमांडो स्वयं सहायता समूह का एक दिवसीय लीडरशिप प्रशिक्षण कार्याशाला रिसोर्स सेंटर में संपन्न हुआ। जिसमें सौरभ रंजन साहू डीडीएम नाबार्ड ने कहा कि समूह के उत्थान हेतु एवं लीडरशिप हेतु हर संभव मदद की जाएगी। जो समूह आर्थिक गतिविधियों से जुड़ना चाहते उन्हें उनकी रुचि अनुसार प्रशिक्षण की व्यवस्था भी नाबार्ड करेगी। पद्मश्री शमशाद बेगम ने समूह को कहा कि स्वयं सहायता समूह वो है जो अपनी मदद स्वयं करना जानता हो। जो विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को पूरा करते हुए अपने को आर्थिक रूप से सशक्त कर सके। लीडर वह है जिसमें लोगों के बीच तालमेल बनाते हुए योजनाओं पर अमल कर सके एवं अपने समूह सदस्यों को आर्थिक रूप से सशक्त कर सके। अपने सदस्यों के मध्य यह निश्चित कर सके कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं करना है? प्रत्येक माह बैठक, पंजी संधारण, आपसी लेन-देन, बैंक लिंकेज एवं कर्ज वापसी समय-समय पर हो सके। प्रशिक्षक रियाज द्वारा समूहों का पंजीयन एवं समूह प्रबंध पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर 10 ग्राम की 40 समूह सदस्यों ने प्रशिक्षण का लाभ लिया। एक समूह की अध्यक्ष प्रेमबती ने कहा कि यह प्रशिक्षण हम लोगों के लिए बहुत ही उपयोगी रहा है। इससे हमारा मनोबल बहुत ही बढ़ा है। कार्यशाला में समूह का पंजीयन, प्रशिक्षण का उद्देश्य, समूह लीडर का गुण एवं कार्य, समूह प्रबंधन आदि विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण देने का कार्य लोकेश बिहान से, रियाज खान द्वारा दिया गया। इस दौरान रुखमणी, सुशीला साहू, कुमारी चंद्राकर, रमन मानिकपुरी, सरस्वती, भीमेश्वरी का सहयोग प्राप्त हुआ।
नाबार्ड हर संभव मदद करेगा महिला कमांडो समूह को : डीडीएम
