बालोद/ रायपुर। छत्तीसगढ़ को बने 25 वर्ष हो गए ,इसके उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ रजत जयंती मनाया जा रहा है। लेकिन छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद स्मृति तुलनात्मक धर्म, दर्शन एवं योग अध्ययनशाला के चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों ने दो माह पूर्व महामहिम राज्यपाल, मा. मुख्यमंत्री, मा. विधान सभा अध्यक्ष, मा.उच्च शिक्षा मंत्री, मा. पूर्व मुख्यमंत्री, मा.कुलपति एवं मा. कुलसचिव को लिखित शिकायत किया है। जिसमें चार छात्रों को पद का दुरुपयोग कर एटीकेटी लाकर और उदाहरण प्रस्तुत करने की बात कहकर मानसिक रूप में पू्र्व से प्रताड़ित किया जा रहा था। छात्रों ने बताया कि 11 छात्रों को आंतरिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण कर दिया गया और शेष 7 को बाद में उत्तीर्ण कर दिया गया और बाकी चार छात्रों को एटीकेटी दिया गया।

वही अर्धशासकीय कर्मचारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को जानबूझकर छात्रवृत्ति दी गई तथा अतिथि व्याख्याता चितरंजन साहू द्वारा एक नियमित छात्र की छात्रवृत्ति रोक दी गई। दो माह बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं किया ।जिसके लिए कुलपति को स्मरण पत्र देकर जांच कमेटी गठित कर उचित कार्रवाई करने के लिए आग्रह किया गया। कार्रवाई नहीं होने पर समस्त छात्र-छात्राओं द्वारा परिवार सहित भूख हड़ताल आमरण अनशन में बैठने की बात कही गई है
जिसका समर्थन छत्तीसगढ़ योग शिक्षक संघ ने किया है। सभी छात्र-छात्राओं द्वारा समस्त विद्यार्थी गण समस्त छात्र संगठन पालक गण अधिकारी कर्मचारी संगठन किसान मजदूर व्यापारी आमजन से इसका समर्थन करने का आग्रह किया गया।
