हत्या के आरोपी को मिला आजीवन कारावास



बालोद । ताजुद्दीन आसिफ, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी दीपक कुमार साहू आ० स्व. पुहुप सिंह साहू, उम्र 45 वर्ष, निवासी-डारागांव थाना डौण्डी, जिला-बालोद (छ.ग.) को भा.द.सं. की धारा 302 के अपराध में आजीवन कारावास, व 100/- अर्थदण्ड एवं धारा 201 भा.दं.सं. के आरोप में 03 वर्ष का कठोर कारावास, व 100/- में अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अभियोजन की ओर से प्रकरण की पैरवी सनद कुमार श्रीवास्तव, अतिरिक्त लोक अभियोजक के द्वारा किया गया। जिसके अनुसार दिनांक 13/04/2024 को प्रार्थी फत्तुराम ने थाना-बालोद में सूचना दी कि ग्राम अमलीडीह की गोंदली नहर रोड में सुरेश के बाड़ी के पीछे एक बोरी में बंधा हुआ कुछ रखा हुआ है, जिससे बदबू आ रही है और बाजू में कुत्ते दो नग मानव पैर को खा रहे हैं।

उक्त सूचना पर पुलिस अधिकारी उपनिरीक्षक-कमला यादव घटना स्थल पर पहुंची और उसने देखा कि उक्त स्थल पर नहर से निकाले गये मिट्टी के कचरे में एक पीले रंग की खाद बोरी में कुछ बंधा हुआ था, जो कचरे में ढका हुआ था, जहां से बदबू आ रही थी, कुछ ही दूर में दो नग मानव पैर क्षत-विक्षत हालत में पड़े थे। प्रकरण में थाना-बालोद में अपराध क्रमांक-223/2024 के अंतर्गत धारा 302, 201 भारतीय दण्ड संहिता के तहत् अज्ञात अभियुक्त के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के दौरान मौके पर पंचनामा कार्यवाही एवं शव को पी.एम. हेतु जिला अस्पताल बालोद भेजा गया। उक्त शव किसी अज्ञात महिला का होना पाया। किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा धारदार हथियार से महिला के सिर, दोनों हाथ, दोनों पैर को काटकर धड़ को अलग कर दिया था एवं धड़ वहां पर नहीं था तथा महिला की पहचान छुपाने के लिये उसे जलाया गया था। दिनांक 14/04/2024 को पुनः सूचना मिली कि मानव शरीर का धड़ वाला हिस्सा दिनांक 13/04/20254 को मिले मानव हिस्से से कुछ दूरी पर बोरी में भरकर पड़ा हुआ है। उक्त मानव शरीर के हिस्से एक ही मानव का होना पाये जाने पर उसे पी.एम. हेतु राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रिफर किया गया। अज्ञात महिला की पता तलाश के दौरान ग्राम बकलीटोला, थाना-डौण्डीलोहारा की महिला परमिला ध्रुव को विगत माह से घर से कही चले जाने की सूचना के आधार पर उसके परिजनों को घटना के संबंध में बताकर तलब किया गया। मृतिका के अंग से प्रिजर्व रखी गयी सामग्री पायल, कंगन एवं रेशम के धागे इत्यादि को देखकर उक्त शव के अंग परमिला ध्रुव का होना पाया गया। विवेचना के क्रम में मृतिका के परिजनों से पूछताछ किये जाने पर यह बात सामने आयी कि मृतिका दिनांक 11-04-2024 को अभियुक्त के साथ घर से बाहर गयी थी, जहां से वह वापस नहीं आयी है। संदेह के आधार पर अभियुक्त से बारीकी से पूछताछ किये जाने पर उसने अपराध स्वीकार किया। सम्पूर्ण विवेचना उपरांत माननीय न्यायालय में दिनांक 09-10-2024 को अभियोग पत्र पेश किया गया। प्रकरण में आये प्रबल एवं ठोस साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण की सम्पूर्ण विवेचना निरीक्षक रवि शंकर पांडेय के द्वारा किया गया।

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