देऊरतराई में सुरहुति (देवारी) त्योहार को अद्भुत तरीके से मनाया गया, अनूठे कार्यक्रम का हुआ आयोजन, देखिए तस्वीरें



गौरी-गौरा जागरण परघौनी के साथ बारात रैली में शामिल हुए सभी देवी-देवता और अघोरी दल

अखाड़ा प्रस्तुति एवं बाजा-गाजा के साथ सुवा नृत्य एवं अन्य छत्तीसगढ़ी गीतों पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे वातावरण भव्य और उत्साहपूर्ण हुआ

बालोद- ग्राम देऊरतराई में सुरहुति (दीपावली) लक्ष्मी पूजा के शुभ अवसर पर इस बार अपार भव्यता और उल्लास के साथ दिवाली त्योहार मनाया गया। गांव ने दिव्यता और सांस्कृतिक समृद्धि का ऐसा झलकी प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित सभी लोगों के दिलों को छू लिया। त्योहार के मुख्य आकर्षण की बात करें तो जैसे “मारुति अखाड़ा दल का रोमांचक खेल प्रदर्शन हुआ “,”गौरी-गौरा जागरण परघौनी के साथ भव्य बारात रैली निकाली गई।

देवी-देवताओं और अघोरी दल का सम्मोहक प्रदर्शन हुआ। बाजा-गाजा और नृत्य प्रस्तुतियों से सजीव वातावरण देखने को मिला। स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का सुंदर समावेश आयोजन में दिखा। गोवर्धन पूजा पर गौ माताओं की पूजा एवं खिचड़ी खिलाई गई।

मामा मारुति अखाड़ा दल का प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी खेल प्रदर्शन देखने को मिला, जिसमें उन्होंने अपनी शारीरिक शक्ति, संतुलन और कला कौशल का अद्भुत प्रदर्शन किया। पारंपरिक अखाड़ा तकनीकों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे कार्यक्रम को और रोमांचक बना दिया।

गौरी-गौरा जागरण वैवाहिक प्रतीक पर परघौनी के साथ आयोजित बारात रैली में देवी देवताओं की प्रतिमा झांकी निकली और आंगा देवता, बैगा नृत्य, डांग डंगनी, सुवा नृत्य, डोली, समेत समस्त देवी-देवताओं का नृत्य, तथा अघोरी दल ने अपनी भव्य उपस्थिति से रैली को और भी आकर्षक बना दिया।

रैली में बजी बाजा-गाजा की मधुर धुन और प्रस्तुत किए गए संगीतमय नृत्य ने पूरे वातावरण को उत्साहपूर्ण और आनंदमय से भर दिया। ग्रामीणों ने इस अवसर पर अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए आसपास के क्षेत्र से भी लोग उपस्थित हुए। सुरहुति देवारी न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का एक अनूठा माध्यम भी है।

गोवर्धन पूजा के दिन परंपरागत तरीके से गौ माताओं की पूजा कर उन्हें खिचड़ी खिलाई गई एवं शीतला माता के प्रतीक डंगनी को गांव में भ्रमण कर सभी ग्रामीण जन गौठान में उपस्थिति होकर गोवर्धन पूजा को मनाए। इस संपूर्ण कार्यक्रम के आयोजक ग्राम देऊरतराई के मामा मारुति अखाड़ा दल एवं आदिवासी समाज तथा समस्त युवा संगठन थे, सभी ने संयुक्त रूप से मिलजुल भाई चारे के साथ दीपावली त्योहार में इस कार्यक्रम का सफल आयोजन किया।

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