शिक्षा के प्रति ललक बरकरार, 50 साल पहले ग्रामीणों ने चंदा और श्रमदान से की थी गांव में स्कूल की शुरुआत, मनाया अब स्वर्ण जयंती समारोह



सूर्यकांत साहू गुरूर/ बालोद। बालोद जिले के गुरुर ब्लॉक के ग्राम दियाबाती के ग्रामीणों में शिक्षा के प्रति विशेष लगाव और ललक देखने को मिलती है। यही वजह है कि आज से 50 साल पहले 10 अक्टूबर 1975 को गांव में श्रमदान कर लोगों ने प्राइमरी स्कूल में बनाया था। पहले तो बिना भवन में पेड़ की छांव में स्कूल लगता था , जन भागीदारी से इस स्कूल का संचालन हो रहा था। फिर शासन से स्वीकृति मिली। शिक्षक नियुक्त हुए पर भवन अब भी नहीं था। ग्रामीणों ने पहले खुद से चंदा कर और श्रमदान से खपरैल वाला स्कूल भवन बनाया । आगे चलकर शासन से धीरे-धीरे पक्के भवन भी बनने लगे। आज इस स्कूल को 50 साल हो चुके हैं। इस खुशी के मौके को यादगार बनाते हुए स्वर्ण जयंती समारोह गांव में मनाया गया। जिसमें ग्रामीणों की विशेष सहभागिता रही।शासकीय प्राथमिक शाला दियाबाती को 50 वर्ष पूर्ण होने पर हुए स्वर्ण जयंती समारोह के मुख्य अतिथि संध्या अजेन्द्र साहू जनपद पंचायत सदस्य थी। अध्यक्षता तारा देवी ताम्रध्वज यादव जनपद पंचायत सदस्य ने की। इसी तरह विशेष अतिथि पूजा ठाकुर सरपंच दर्रा , मोहन दास नवरंग सेवानिवृत्त शिक्षक , नंदकुमार निषाद उच्च वर्ग शिक्षक , मनी राम साहू ग्राम पटेल आदि मौजूद थे। भीखम लाल साहू अध्यक्ष ग्राम विकास समिति , लेखराम साहू एवं द्वारिका राम साहू वरिष्ठ ग्रामीणों ने अपने उद्बोधन में स्कूल के इतिहास एवं वर्तमान के बारे में अपना विचार दिए।

इस तरह से हुई थी गांव में स्कूल की शुरुआत

दर्रा पंचायत के आश्रित गांव दियाबाती में प्राइमरी स्कूल की शुरुआत जन सहभागिता से हुई थी।
ग्राम प्रमुखों ने बताया कि जब पहले गांव में स्कूल नहीं था तो पढ़ाई करने के लिए दूसरे गांव जाते थे । फिर शासन द्वारा 1975 को गांव में पढ़ाने के लिए शिक्षक नियुक्त तो कर दिए लेकिन पढ़ाई करने के लिए स्कूल भवन नहीं था । उस समय पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करते थे। फिर समस्त ग्राम वासी मिलकर चंदा इकट्ठा कर व श्रमदान करके गांव में स्कूल भवन का निर्माण किए। ताकि गांव के सभी बच्चों को गांव के स्कूल में प्राथमिक शिक्षा मिले। फिर बाद में शासन द्वारा स्कूल भवन स्वीकृत हुआ। तब से लेकर आज तक गांव के बच्चे गांव के प्राथमिक शाला में प्राथमिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं । इस तरह से स्कूल के प्रति अच्छे विचार एवं जन सहयोग की भावना आज भी गांव वालों में देखने को मिलता है। जिसका परिणाम है कि आज यह स्कूल बहुत ही सुंदर व आकर्षक है।

घर की तरह सजाया था लोगों ने स्कूल भवन

स्वर्ण जयंती के अवसर पर शासकीय प्राथमिक शाला दियाबाती को फूल मालाओं व लड़ी से सजाया गया एवं स्कूल प्रांगण में स्थापित मां सरस्वती की मंदिर में पूजा अर्चना कर वृक्षारोपण भी किया गया। शाला में सेवा प्रदान किए शिक्षकों का एवं प्रथम वर्ष प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। तथा बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्णेश्वर साहू अध्यक्ष शाला प्रबंधन विकास समिति , लीलाम्बर साहू उपाध्यक्ष ग्राम विकास समिति , भीषम लाल महमल्ला प्रधान पाठक , उदय लाल साहू सहायक शिक्षक, संजय कुमार देशलहरे शिक्षक , प्रीतम साहू , चोवाराम गंगबेर एवं संकुल दर्रा के शिक्षक गण तथा शाला प्रबंधन एवं ग्राम विकास समिति के समस्त सदस्य एवं ग्रामवासियों का सहयोग रहा।

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