बालोद। कुपोषण मुक्त करने हेतु कु. गुणाक्षी को पीएम श्री स्कूल जगतरा (बालोद) की शिक्षा दूत 2025 से सम्मानित प्रधान पाठक श्रीमती खेमलता ठाकुर ने गोद लिया है।छत्तीसगढ़ शासन ने कुपोषण मुक्त करने हेतु गोद लेने की योजना को लाभान्वित करते हुए ग्रामीण स्कूल व पीएम श्री स्कूल प्राथमिक शाला जगतरा विकासखंड बालोद जिला बालोद की प्रधानपाठक श्रीमती खेमलता ठाकुर ने आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 01 जगतरा की कार्यकर्ता श्रीमती सोनबाई सोनबोईर की दिशा निर्देशन में चलाई जा रही इस योजना का सहभागिता बनी। जो इस गांव के लिए समाज को स्वस्थ रखना की परंपरा को आत्मसात करने में महत्वपूर्ण किरदार की भूमिका को निभाना में सक्षमता और योग्यता का परिचय दी ताकि नवजात शिशु जो शारीरिक दृष्टि से विकास एवं वृद्धि स्थिति को प्राप्त कर सके और नवजात शिशु अपनी उम्र के अनुसार स्वस्थ एवं मस्त रहे ।कुपोषित बच्चों को पोषण देने का दायित्व निर्वहन करने में सक्षम हो सके। इसी वर्ष 5 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण शिक्षा दूत 2025 से अलंकृत प्रधान पाठक श्रीमती खेमलता ठाकुर के मन मे यह विचार आया कि समाज के बच्चों के लिए कार्य को सुनियोजित किया जाए ताकि कुपोषण से जूझ रहे ऐसे बच्चों को देश की भावी पीढ़ी है, गढ़ने का काम करता है देश को सवारने का काम उन बच्चों के कंधों में होता है, ऐसे बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेना और इस पीढ़ी को संवारने की बात उनके मन में आई और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के द्वारा बताई गई योजना को करने में कामयाबी का परिचायक बनी। बच्चों को स्वस्थ और सशक्त बनाने की नसीहत दी। ग्राम जगतरा के पालक श्रीमती गायत्री निषाद, श्री ओम प्रकाश निषाद के नवजात् संतान कुमारी गुणाक्षी को कुपोषण मुक्त करने हेतु गोद ली और उन्होंने कहा कि गोद लेने का मतलब किसी व्यक्ति/ अधिकारी /कर्मचारी/ जनप्रतिनिधि या संस्था द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र में चिन्हित कुपोषित बच्चों को गोद ले सकते है और गोद लेने का तात्पर्य यह नहीं है कि बच्चें को घर ले जाना है बल्कि उसकी देखभाल , पोषण और उपचार की जिम्मेदारी उठाने है। इस तरह से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की भूमिका का महती योगदान देकर पुण्य का काम करने में कर्मठता का परिचय दी और कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनके वजन, ऊंचाई और स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए जो शारीरिक रूप से ऊंचाई में औसतन वृद्धि से कम होने के कारण कुपोषण मुक्त करने , की योग्यता रखी ।

साथ ही बच्चों के देखरेख संरक्षण व सुपोषित करने हेतु स्वस्थ होने तक उनके द्वारा सहयोग राशि प्रदान की गई ताकि उनके द्वारा पोषण आहार आपूर्ति टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाएं मैं अनुसार सुनियोजित हो सके और स्वस्थ और निरोग रह सके। गोद लेने वाले की जिम्मेदारी उत्साहित मन से करते हुए बच्चे के लिए अतिरिक्त पोषण आहार उपलब्ध कराना जैसे फल,दूध, पौष्टिक खाद्य सामग्री की व्यवस्था हेतु महावार आर्थिक रूप से मददगार हुई। समय पर बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी लेना अत्यंत जरूरी आंगन बाड़ी व केंद्र या घर पर बच्चों को प्रोत्साहित सहयोग करने के उद्देश्य को साकार स्वरूप प्रदान की और समाज में ये भावना पैदा करने में सक्षम रही कि हर बच्चा हमारा है और उसे बच्चो के स्वास्थ्य का देखरेख और सुरक्षा प्रदान करना शिक्षक का भी दायित्व है। सरकारी प्रयासों के साथ-साथ जन सहभागिता से पोषण मुक्त व आदर्श ग्राम की संकल्पना की। इस सेवा भाव को दृष्टिगत रखते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती मोहनी यादव और सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती उमा ठाकुर बालोद , स्कूल स्टाफ श्रीमती अनुपमा चौबे श्रीमती माटी पद्मिनी बधाई बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की है।

