विश्व शिक्षक दिवस विशेष – पढ़ाई के साथ बच्चों का सर्वांगीण विकास पर ध्यान देती है एनुका मिल चुका इस साल राज्यपाल पुरस्कार 



बालोद – सुश्री एनुका शार्वां व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला डौंडीलोहारा  को शिक्षक दिवस पर राज्य का सर्वोच्च सम्मान राज्यपाल पुरस्कार 2024-25 मिला है। बता दें कि सुश्री शार्वां लगातार पढ़ाई के साथ साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर कार्य कर रहीं हैं, जिसके अंतर्गत कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में बच्चों का मार्गदर्शन करती हैं, जिसके फलस्वरूप विगत 6 वर्षों से राज्य और एक बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पश्चिम भारत विज्ञान मेला में भी विगत 3 वर्ष से राज्य में प्रस्तुति दे रहे हैं । गणित विज्ञान क्लब में जिला स्तर पर बच्चे उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे, इनके अतिरिक्त सुश्री सार्वा छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा बालोद इकाई की भी सदस्य हैं और हर वर्ष पर्यावरण के क्षेत्र में जन जागरूकता कार्यक्रम चलती हैं और अलग-अलग गांव में जा जाकर पौधा दान करती है। उनकी सक्रियता का परिणाम है कि उन्हें जिला रेड क्रॉस की 30 सदस्य प्रबंधन समिति की भी सदस्य हैं। जिसका ध्येय सेवा, स्वास्थ्य और मित्रता। कोरोना काल में भी लगातार मोहल्ला क्लास, जागरूकता कार्यक्रम, निःशुल्क मास्क वितरण, पोस्टर बैनर निर्माण आदि कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। सुश्री शार्वां 2017 में कैंसर के तृतीय स्टेज से लड़कर आज शिक्षा, संस्कृति,पर्यावरण संरक्षण आदि सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए लोगों को जागरूक कर रही है जैसे प्रतिवर्ष कैंसर दिवस पर साइकिल रैली,हेयर डोनेशन, मितानिन जागरूकता, किशोरी बालिकाओं का जागरूकता कार्यक्रम आदि। सुश्री शार्वां प्रशिक्षित कुशल ओडिसी नृत्यांगना भी है और अलग अलग राज्यों में अपनी प्रस्तुति दे चुकी हैं और इन सबका लाभ निश्चित रूप से विद्यालय के छात्र छात्राओं को भी मिल रहा है। और अब कई व्याख्याता उनसे प्रेरणा लेकर सक्रिय कार्य कर रहे हैं। इन सबके अलावा सुश्री शार्वां ने दो बेटियों को गोद लेकर सिंगल मदर की भूमिका भी बखूबी निभा रही हैं। उनका यह निर्णय निश्चित रूप से समाज में निःसंतान दंपतियों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन रहा है।

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