ऐसा भी होता है: नवरात्र में मां दुर्गा के साथ भगवान गणपति की होती है पूजा



गंजईडीह में पंचमी से शुरू हुआ गणपति उत्सव, ब्रदर्स ग्रुप पांच वर्षों से निभा रहे परंपरा

डौंडीलोहारा। क्वारं मास में चारों ओर नवरात्र का माहौल है। देवी मंदिरों में ज्योति कलश प्रज्जवलित है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जा रही है। वहीं डौंडीलोहारा विकासखंड के अंतर्गत स्थित खरखरा जलाशय के समीप ग्राम गंजईडीह में इन दिनों नवरात्र के साथ गणेशाेत्सव की भी धूम है। यहां ब्रदर्स ग्रुप के तत्वाधान में गणपति उत्सव का आयोजन किया गया है। इसकी विशेषता यह है यहां परंपरागत भादों मास के स्थान पर नवरात्रि पंचमी से गणपति प्रतिमा स्थापना की जाती है और दशहरे तक गणेशोत्सव मनाया जाता है। यह परंपरा लगातार पांच साल से निभाई जा रही है। गांव में गणपति बप्पा के आने से श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों ने भव्य सजावट की है और सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भजन-कीर्तन, सामूहिक पूजा, और आरती की जा रही हैं। गणपति को बुद्धि, विवेक और विघ्नहर्ता माना जाता है। ग्रामीणों का मानना है कि गणपति बप्पा का आशीर्वाद उनके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है। इसलिए उनकी पूजा-अर्चना विशेष श्रद्धा से की जा रही है। गांव के लोगों से बात करने पर बताया कि नवरात्र में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना के साथ- साथ गणपति विराजित किया गया है।

दशहरे के दूसरे दिन होगा विसर्जन

गणपति उत्सव में बच्चों, किशोरों और युवाओं की भागीदारी है। सभी ने मिलकर उत्सव की तैयारियों में सक्रिय रूप से भाग लिया और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। गणपति बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन दशहरे के दूसरे दिन किया जाएगा। ग्रामीणों ने विसर्जन के लिए तैयारी प्रारंभ कर दी है और बप्पा को श्रद्धापूर्वक विदाई देने के लिए संकल्पबद्ध हैं।

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