स्वयं के चरित्र पर शक नहीं हुआ बर्दाश्त, पत्नी की साड़ी से गला घोंटकर की थी हत्या, आरोपी पति को मिला आजीवन कारावास



बालोद/ गुरूर– किरण कुमार जांगडे, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी सुरेश ढीमर उम्र 28 वर्ष, निवासी-बोरिदकला, थाना-पुरूर को भा.द.स. की धारा 302 के अपराध में आजीवन कारावास एवं 500/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अभियोजन की ओर से प्रकरण की पैरवी सनद कुमार श्रीवास्तव, अतिरिक्त लोक अभियोजक के द्वारा किया गया। जिसके अनुसार प्रकरण का प्रार्थी महेश ढीमर के द्वारा दिनांक 04-04-2023 को थाना-पुरूर में उपस्थित होकर मौखिक रूप से रिपोर्ट दर्ज कराया कि घटना दिनांक 03-04-2023 को रात्रि लगभग 10:19 बजे उसका भाई सुरेश ढीमर उसे फोन कर बताया कि उसकी पत्नी को एक-दो बार हिचकी आया और उसके बाद बातचीत नहीं कर रही है, तब वह अपनी मां तैतील बाई के साथ अपने छोटे भाई सुरेश ढीमर के घर गया तब उसकी मां, तुलेश्वरी को देखकर बताई कि तुलेश्वरी का हाथ-पैर ढीला हो गया है, सांस नहीं चल रहा है तब नरेन्द्र सिन्हा को फोन कर बुलाया और मोबाईल की लाईट को जलाकर देखे तो तुलेश्वरी के गले में साड़ी से गला घोटने का निशान था. तब वह नरेन्द्र सिन्हा के साथ कुलेश्वर ढीमर के पास गये और तीनों कोटवार परमानंद मेश्राम के पास जाकर उसे घटना के बारे में बताये और फिर पुन वापस सुरेश ढीमर के घर आकर उससे पूछताछ करने पर सुरेश ढीमर बताया कि वह गांव के मछुआ समिति के मीटिंग में शांति चौक बोरिदकला गया था तथा मीटिंग से रात्रि लगभग 09:30 बजे वापस अपने घर आया तब उसकी पत्नी तुलेश्वरी ढीमर खाट में लेटी हुई थी, जो उसे देखकर किसी दूसरी औरत के साथ सोकर आये हो, कहते हुए चरित्र पर शंका करते हुए बार-बार उसी बात को कहने लगी और उसके मना करने के बाद भी नहीं मानी। तब गुस्सा आने पर वह अपनी पत्नी तुलेश्वरी के साड़ी को खींचकर उसके गर्दन में लपेटकर उसकी हत्या करने की नियत से साड़ी को दोनों तरफ से कसकर खींच दिया। जिससे उसकी पत्नी तुलेश्वरी की मृत्यु हो गई, सुरेश ढीमर के द्वारा घटना के बारे में कुलेश्वर ढीमर, नरेन्द्र ढीमर ग्राम कोटवार परमानंद मेश्राम के समक्ष बताया था। प्रार्थी के उपरोक्त मौखिक रिपोर्ट पर थाना-पुरूर में आरोपी सुरेश ढीमर के विरूद्ध अपराध क्रमांक-06/2023 अंतर्गत धारा-302 भा.दं.वि. के अत्तर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज दर्ज किया गया। सम्पूर्ण विवेचना उपरांत माननीय न्यायालय में दिनांक 13-06-2023 को अभियोग पत्र पेश किया गया। प्रकरण में आये प्रबल एवं ठोस साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण की विवेचना उ.नि. अरुण कुमार साहू के द्वारा किया गया।

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