बालोद। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा शासकीय एकलव्य महाविद्यालय डौंडीलोहारा में मिशन साहसी आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। जहां प्रशिक्षण देने के लिए बालोद जिला के विभिन्न संस्था के लोग पहुंचे।पांच दिनों तक हुए इस प्रशिक्षण शिविर का समापन हो गया है। समापन पर प्रांत सह मंत्री मनीषा राणा द्वारा सभी छात्राओं को उद्बोधित किया गया। जिन्होंने समस्त विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व छात्रा कार्य के बारे में बताया की किस प्रकार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपनी 75 वर्ष की यात्रा को पूरी करके 76वीं वर्ष में प्रवेश कर चुका है और अभाविप अपने स्थापना काल से ही तेजस्वी, स्वालंबी कर्मठ एवं देशभक्त छात्र शक्ति के निर्माण हेतु प्रतिबद्ध है। परिषद का ध्येय सभी छात्र-छात्राओं के सहभाग से राष्ट्रीय पुनर्निर्माण की ज्योति को जलाना है।और अभाविप हमेशा से ही स्वामी विवेकानंद जी के प्रेरक विचारों को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रहित में राष्ट्र प्रथम, इसी भाव से कार्य कर रहे हैं तथा छात्राओं को आत्मरक्षा के गुण सीखाने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने मिशन साहसी आत्म सुरक्षा अभियान प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया क्योंकि स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि जिस देश में स्त्रियों का सम्मान नहीं होता वह कभी उन्नति नहीं कर सकता। अभाविप ने स्वामी जी के उक्त विचारों को केंद्र में रखकर छात्राओं के बीच कार्य का महत्व समझा और इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा महिला सुरक्षा को लेकर के अभाविप ने मिशन साहसी अभियान को 2016 में प्रथम बार प्रारंभ किया। मिशन साहसी के साथ ही साइबर अपराधों से सुरक्षा हेतु मिशन साहसी 2.0 भी चलाया जाता है। जिसमें छात्राओं को कानूनी तकनीकी और मनोवैज्ञानिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ-साथ परिषद द्वारा महिला स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ऋतुमति अभियान का भी विस्तार किया जा रहा है। जिसमें महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य और माहवारी स्वच्छता पर जागरूकता फैलाने का कार्य किया जाता है। इन जानकारी के साथ सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाऐं दी गई। साथ ही कार्यक्रम के विशेष अतिथियों में हीरेंद्र गायकवाड (पूर्व कार्यकर्ता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद), देवेंद्र सिन्हा(पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) की भी कार्यक्रम में गरिमामय उपस्थिति रही। जिन्होंने संबोधित किया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हमेशा से ही रचनात्मक व ऊर्जात्मक कार्य करता रहा है हमें गर्व है कि हम,ऐसे संगठन का हिस्सा रहे हैं और आह्वाहन किया कि सभी विद्यार्थी जीवन में एक बार ऐसे संगठन से अवश्य जुड़े जो राष्ट्रीय हित में कार्य करने के लिए हमेशा अग्रसर रहता है। हम एबीवीपी के सदस्य सिर्फ इसलिए ही ना बने क्योंकि यह दुनिया का सबसे बड़ा छात्र संगठन है बल्कि इसलिए भी बने क्योंकि एबीवीपी एकमात्र ऐसा संगठन है जिसका क्षेत्र केवल महाविद्यालय ही नहीं अपितु समाज और राष्ट्र भी है तथा इस संगठन में, मैं नहीं हम की बात की जाती है। यहां नेताओं को नहीं महापुरुषों के आदर्शों को माना जाता है। स्वामी विवेकानंद जी के राष्ट्रवाद के सिद्धांतों को अपनाया जाता है। तथा डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के समाज उत्थान के प्रयासों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेकर कार्य किया जाता है। उपस्थित सभी अतिथियों द्वारा कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षकों को प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। महाविद्यालय के प्राचार्य व शिक्षकों ने कहा कि मिशन साहसी का उद्देश्य विद्यार्थियों में साहस, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को विकसित करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को अपने कौशल का प्रदर्शन करने और अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
मिशन साहसी आत्म रक्षा प्रशिक्षण का हुआ समापन
