दल्लीराजहरा-महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना चिखालकसा के अंतर्गत गंभीर कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर जनप्रतिनिधियों के सहयोग से सुपोषित करने के अभियान में विभाग जुटा हुआ है। कुसुमकसा क्षेत्र में 11 बच्चे गम्भीर कुपोषित वर्ग में है। आंगन बाड़ी के सुपरवाइजर श्वेता श्रीवास्तव के द्वारा अपील किया गया कि इन बच्चों को जल्द स्वस्थ करके सुपोषित करने के लिए सहयोग करे। तब बच्चों को शीघ्र सुपोषित करने के लिए जनपद सदस्य कुसुमकसा मंजू संजय बैस ने अपना हाथ आगे बढ़ाई और आंगनबाड़ी केंद्र कुसुमकसा क्रमांक एक के एक बालिका टेवीशा को गोद लिया है। ये बालिका गंभीर कुपोषित वेस्टिंग कैटिगरी में है। जिनकी माता यशोदा पिता राघवेंद्र की चिंता अपनी बेटी के लिए बनी रहती थी। इस बेटी को जनपद सदस्य मंजू संजय बैस ने गोद लेकर कहा कि इस बेटी के लिए जितनी चिंता मां बाप कर रहे है उतनी जिम्मेदारी अब मेरी भी है। डाक्टरों से चर्चा कर इस बेटी के भोजन में विटामिन, प्रोटीन या जो भी जरूरत की सामग्री होगी ये सब मै उपलब्ध कराउंगी। इस बेटी को जल्द सुपोषित करने की दिशा में काम करूंगी।

उन्होने कहा कि हमारे कुसुमकसा क्षेत्र में 11 बच्चे अति कुपोषित है। मैं निजी और सरकारी डाक्टरों , नर्स मितानिन बहनों के साथ जल्द एक बैठक कर हमारे क्षेत्र से कुपोषण के खिलाफ हम जंग लड़ेंगे। बच्चों के सुपोषित अभियान का मैं सहभागी बनूंगी। मैं क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधि और जागरूक लोगों से भी निवेदन करती हूं कि महिला एवं बाल विकास विभाग य़ह जो जबरदस्त योजना लेकर आई है,सरकार के अलावा हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है कि बच्चों के कुपोषण को दूर करने में सहयोग करें। बच्चे स्वस्थ और सुपोषित रहेंगे तभी हम स्वस्थ भारत और स्वस्थ समाज की दिशा में आगे बढ़ पाएंगे। इस अवसर पर सीमा पिस्दा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शकुंतला साहू पोषण मित्र एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
