“एक रचना आपकी”



गीत-जय श्री गणेशा

जय हो जय हो गणों के राजा
जय श्री गणेशा।
हरो-हरो विधन और बाधा
दूर करो कलेशा.।।
जय श्री गणेशा….।

रिद्धि सिद्धी के स्वामी तुम
बल-बुद्धि के अनुरागी तुम
तुम हो शुभ लाभ के दाता
जय श्री गणेशा…..।

प्रथम पूज्य अधिकारी हो तुम
भक्तों के विघ्नहारी हो तुम
भक्त खाली हाथ न जाता
जय श्री गणेशा………।

मोदक अतिप्रिय भावे तोहे
मूषक सवारी सुहावे तोहे
देवा एकदन्त कहलाता
जय श्री गणेशा……।

गली मोहल्ले विराजे हो तुम
भारत मे खुशियाँ लाते हो तुम
तुम हो लाल बाग के राजा
जय श्री गणेशा…….।

रचनाकार
प्रदीप कुँवरदादा

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