पति के लम्बे उम्र के लिए बहनो का तीजा के पहले करू भात की परम्परा
डीबी डिजिटल मीडिया अर्जुंदा। भगवान शिव और माता पार्वती के जीवन से जुड़े कई प्रसंग वेदों में वर्णित है। अपने पति के लम्बी उम्र की कामना के साथ हरितालिका का व्रत माता पार्वती ने की। इसी की आस्था से संबंधित यह तीजा पर्व छत्तीसगढ़ में अपने आप में ही एक अनोखा रंग लाया है। छत्तीसगढ़ में यह पर्व शिव के लिए किए गए व्रत जो माता पार्वती ने निर्जला व्रत की उसी के आस्था से जुड़ी यह हरितालिका व्रत आज छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध है। व्रत के पहले दिन करू भात, जिसमे करेला अनिवार्य होता है। व्रत का पालन करने वाली सुहागिन माताएं बड़ी ही आस्था के साथ पूर्ण करती है। इसी तारतम्य अयोध्या नगरी युवाओ द्वारा करू भात का आयोजन ग्राम घीना में किया गया। सरपंच प्रणिका जैन द्वारा सुहागिन समान वितरण किया गया। तीजा के पर्व में शामिल समस्त बेटियो के लिए करू भात का प्रबंध कर भगवान, शिव और पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त किया गया। छत्तीसगढ़ की इस परंपरा को पूर्ण करने का श्रेय उन समस्त ग्रामवासियों को भी जाता है, जिन्होंने करू भात के दिन पूरे ग्रामवासियों के लिए यह प्रबंध कराया और व्रत को पूर्ण करने में सहयोग दिया, उक्त जानकारी रूपसिंह रावटे ने दी।
