लुप्त होती संस्कृति को बचाने का किया अनूठा प्रयास, 35 गौ पालको को किया गया सम्मानित



डीबी डिजिटल मीडिया बालोद। बालोद जिले में पोला का त्यौहार बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। इस बीच कामधेनू गौ सेवा दल, हिन्द सेना के तत्वाधान में बालोद शहर के बुधवारी बाजार में एक आयोजन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया तो इस महापर्व में शामिल हुए किसानों और गौ पालकों को गमछा, श्री फल एवं पशु आहार से सम्मानित किया। आयोजन में लगभग 35 जोड़ी बैलों का आयोजनकर्ताओं ने उनकी पूजा कर अर्चना कर किसानों का सम्मान किया तो वहीं हिंदसेना के छत्तीसगढ़ मुख्य संयोजक तरुण नाथ योगी ने कहा कि इस आधुनिक समय पर जहां लोग आधुनिक चीज जैसे ट्रैक्टर और अन्य मशीन का उपयोग कर हमारे छत्तीसगढ़ की संस्कृति धीरे धीरे लुप्त हो रही है मगर अभी भी हमारे जो बालोद के किसान बैल और हल को संरक्षित रखे है और इसका उपयोग खेती किसानी कर रहे। आयोजन में शामिल हुए गौ पालकों ने कहा कि हमारे पूर्वज पहले खेती किसानी करते थे तो वह बैल और हल का उपयोग करते थे।

जिससे फ़सल भी अच्छा होता था। अभी मशीनों का दौर चल रहा। इससे खेती का फ़सल भी कम होता है। मार्केट में कैमिकल दवाईयां आ रही, आधुनिकता का दौर चल रहा है। इससे कहीं न कहीं धान की फसले भी प्रभावित होती है । बालोद नगर में इस आयोजन का होना किसानों के लिए गर्व की बात है और आयोजनकर्ता का मानना है कि लुप्त होती संस्कृति को बचाना है। इस आयोजन में हिंद सेना के प्रदेश संयोजक तरुण नाथ योगी, जिला समाजसेवी राकेश उपाध्याय, अध्यक्ष दिग्विजय सिंह क्षत्रिय, युवा बिग्रेड प्रदेश महा मंत्री राहुल उपाध्याय, शहर अध्यक्ष यूराज नेताम और गौ सेवक मौजूद रहे।

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