हड़ताल के दिन हुए चार: एनएचएम कर्मचारियों ने स्वास्थ्य मंत्री को दिखाया तिरंगा, मांगों को लेकर आवाज की बुलंद



डीबी डिजिटल मीडिया बालोद। गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बालोद जिले के प्रवास पर थे। इस दौरान जब उनका बालोद नगर आगमन हुआ तो नए बस स्टैंड में 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे हुए एनएचएम स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कुछ दूर तक तिरंगा रैली के शक्ल में धरना स्थल से मुख्य मार्ग पर आकर मंत्री को तिरंगा दिखाते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।

हालांकि मंत्री का काफिला वहां नहीं रुका और पुलिस वालों ने भी कर्मचारियों को सामने जाने से रोक दिया। इस बीच जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र के विधायक क्रमशः संगीता सिन्हा, अनिला भेड़िया और कुंवर निषाद गाड़ी से उतरे और कर्मचारियों के पास उनकी मांगों को सुनने के लिए पहुंचे। विधायकों ने कहा कि हम भी आप लोगों की मांगों के समर्थन में है और शासन को पत्राचार कर दिए हैं। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16,000 से अधिक कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों (नियमितीकरण, ग्रेड पे, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, लंबित 27% वेतनवृद्धि सहित) को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। आंदोलन के चलते पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। जिला बालोद में NHM कर्मचारियों द्वारा जिला मुख्यालय बालोद बस स्टैंड में चतुर्थ दिवस में तिरंगा रैली के लिए प्रशासन से अनुमति चाही गई थी परंतु प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण बस स्टैंड में ही मानव श्रृंखला बना कर कार्यक्रम किया गया। इसके बाद कर्मचारियों के द्वारा सड़क में खड़े होकर उनका तिरंगा लहराते हुए मंत्री का स्वागत किया गया। इस दौरान जिला अध्यक्ष खिलेश साहू, संरक्षक दिनेश खर्कवाल, उपाध्यक्ष प्रेम यादव, जिला सचिव यजेंद्र, पूर्व अध्यक्ष और संरक्षक रितेश साहू और सभी कर्मचारी उपस्थित थे ।

कर्मचारियों ने बताया कि हमने कई बार मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी जायज मांगें रखीं, लेकिन लगातार अनदेखी की गई। यहां तक कि 27% वेतनवृद्धि, मेडिकल अवकाश और ग्रेड पे पर स्वीकृति मिलने के बावजूद आदेश जारी नहीं किए गए, जिससे नाराज़ कर्मचारी अब हड़ताल पर हैं। कर्मचारी संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आगे आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी शासन की होंगी।

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