हाई कोर्ट एवं अभ्यावेदन समिति के पास विचाराधीन मामला होने के कारण विद्यालय से दूर होने से नवाचारी रूप में इस तरह से मनाया स्वतंत्रता दिवस
डीबी डिजिटल मीडिया बालोद। शिक्षा विभाग ने इन दिनों अपने ही उत्कृष्ट शिक्षकों को गलत नियम में युक्तियुक्तकरण करके प्रभावित किया गया है, उन शिक्षकों के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय से लेकर निराकरण हेतु बनी विभिन्न विभागीय समिति के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत कर चुके हैं लेकिन विभागीय लेट लतीफ के कारण दो से तीन महीना बीत जाने के बाद उनके त्रुटि पर कोई निराकरण नहीं किया गया है। ऐसे प्रभावित शिक्षक अब अपने आप को प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं ।लेकिन ऐसे शिक्षक अपनी उत्कृष्टता की पहचान को बनाए रखते हुए विभागीय कार्रवाई के वजह से विद्यालय से दूर होने के बावजूद अपने गतिविधि से राष्ट्रीय पर्व में विद्यालय में शामिल नहीं होने पर अपने ही घर में नवाचारी पाठशाला बनाकर सेवा पदको एवं परिवार के साथ घर में ही तिरंगा लहरा कर आजादी के 79 वें स्वतंत्रता दिवस पर्व को मना रहे हैं। बालोद जिला में ऐसे ही एक शिक्षक हैं जो उत्कृष्ट गतिविधियों के कारण जिला के प्रथम मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण शिक्षा श्री से अलंकृत है, साथ ही राज्य शिक्षक सम्मान जिसे राज्यपाल पुरस्कार भी कहते हैं से पुरस्कृत है तथा राष्ट्रपति पुरस्कार हेतु जिला से दो-दो बार राज्य स्तर हेतु अनुसंसित किए जा चुके हैं ,ऐसे शिक्षक को भी विभाग ने जब सिविल सेवा अधिनियम के विरुद्ध वरिष्ठता निर्धारण करके उक्त वरिष्ठ शिक्षक को कनिष्ठ की श्रेणी में लाकर त्रुटि पूर्वक युक्तिकरण की कार्रवाई किया है। जिससे वह आज अपने पदस्थ विद्यालय में राष्ट्रीय पर्व में उपस्थित होने से वंचित रहा लेकिन उन्होंने अपने घर को ही नवाचारी पाठशाला बनाकर अपने 22 -23 वर्ष के सेवा अवधि के दौरान किए गए उत्कृष्ट कार्यो एवं सेवा पदक के सामने तिरंगा लहराकर स्वतंत्रता दिवस की खुशियां मनाई। जिसके अंतर्गत उन्होंने अपने घर के ही बड़े दीवाल में बनाए वर्ग चक्रव्यूह के सामने अपने समस्त सम्मान पत्रों, पुरस्कार, प्रशस्ति पत्रों एवं प्राप्त मेडल के साथ-साथ विद्यालय में इंस्पायर अवार्ड एवं पश्चिम भारत विज्ञान मेला में प्रस्तुत किए गए शिक्षक संगोष्ठी के गतिविधियों के छाया चित्रों बैनर चित्रों के समक्ष तिरंगा लहराया। साथ ही उन्होंने एक और नयाचारी गतिविधि करते हुए विभिन्न राष्ट्रीय पर्व में राष्ट्रीय ध्वज के साथ संस्था के प्रांगण में लगाए जाने वाले तोरण में विषम संख्याओं का क्रम संचय करके वर्ग प्राप्त होने की अपने ही बनाए पद्धति पर कार्य करते हुए तोरण में विषम संख्याओं को लिखकर वर्ग प्राप्त हुआ उसके संबंध में वीडियो जारी करके स्वतंत्रता दिवस घर में ही परिवार के साथ हर्षोल्लास के साथ मनाया। निश्चित रूप से यह अनोखी पहल को विद्यालय में विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन हेतु तथा क्रियात्मक गतिविधि करने हेतु लाभदायक तो माना ही जा रहा है, साथ ही अन्य शिक्षकों के लिए अनुकरणीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।
