बालोद। बुधवार को भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर राज्य और केंद्र सरकार के मजदूर किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा और किसान संघ ने ” अडानी भगाओ छत्तीसगढ़ बचाओ” के नारे के साथ दल्ली राजहरा और डौंडीलोहारा में प्रदेश व्यापी विरोध प्रदर्शन किया। सरकार कैसे कॉरपोरेट घराने को लगातार लाभ पहुंचा रही है और मजदूर किसानों की मांगों की अवहेलना कर रही है। यह सब बताया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार कैसे धर्म का आडंबर फैलाकर लगातार लोगों को धर्म के मार्ग में भटका कर मूलभूत सुविधाओं को छिन रही है। किसानों को खाद, बीज के लिए भटका रहा, स्कूली बच्ची को शिक्षा के लिए और भूलभूत सुविधाओं को छिन कर कभी शराब दुकानों का संचालन तो कभी कॉरपोरेट घराने को लाभ पहुंचा रहा है। सरकार की मंशा क्या है, समझ नहीं आता ।

आम जन मानस के साथ ऐसा व्यवहार पिछले 10 सालों से चली आ रही है। स्कूल में शिक्षकों को बैठाने मात्र से क्या होगा, जब स्कूल में पाठ्य पुस्तक नहीं पहुंचाया जाएगा। बच्चे पढ़ेंगे क्या? खाद के बारे में बार बार शासन प्रशासन को ज्ञापन देने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रहा है। लोग एक जगह से दूसरे जगह खाद खरीदने जा रहे वो भी दुगनी दामों पर। आज सरकार शिक्षा , स्वास्थ्य , रोजगार में सब जगह गड़बड़ी कर रही है । सरकार बता दे कि कोई ब्लॉक, विकासखंड या कोई जगह भ्रष्टाचार खत्म किया हो तो? और सरकार ये किसानों, मजदूर पर थोपे गए काला कानून वापस ले। सरकार हर जगह व्यवस्था को बिगाड़ कर रखी है और किसान मजदूर जब इसके खिलाफ आवाज उठाए तो प्रशासन हमारी बातों को दबाने का प्रयास करती है। अभी सरकार अडानी को लाभ पहुंचाने के लिए बिना शिकायत के बिजली मीटर को स्मार्ट मीटर में तब्दील कर रही है। जब मीटर सही काम कर रहा तो मीटर बदलने की आवश्यकता क्या है? सरकार को अपने कार्यप्रणाली को स्मार्ट करना चाहिए न कि स्मार्ट मीटर लगाना चाहिए। ऐसे मीटर लगाने से लाखों बिलिंग कर्मचारियों का रोजगार छिन जाएगा। इन बेरोजगार लोगों को रोजगार कैसे उपलब्ध करवाएगी सरकार? इस पर कोई योजना नहीं है। स्मार्ट मीटर में आए दिन बिल ज्यादा आने की शिकायत आस पास के गांव शहर, व पत्र पत्रिकाओं में देखते हैं। फिर भी सरकार स्मार्ट मीटर पर जोर दे रही है, क्योंकि अदानी को लाभ पहुंचाना है। छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उईके ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा हम सरकार के मजदूर और किसान विरोधी नीतियों का खुलकर विरोध करते है। सरकार ने कैसे 44 श्रम कानूनों को 4 श्रम संहिता में तब्दील कर कर दिया। किसानों और मजदूर पर थोपे गए काले कानूनों को वापस लेना होगा। बार बार हम इस बात का विरोध कर रहे। किसान और मजदूर इस देश और अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है । अगर हमें अंधेरे में धकेला जाएगा तो हम सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। किसान संघ के जिला अध्यक्ष गैंद सिंह ने प्रदर्शन में आए सभी किसान भाइयों बहनों की बातों को सामने रखते हुए कहा कि किसानों ने अभी वर्तमान में समस्या केवल खाद और बीज की है, जिसके बारे में हमने जुलाई माह में शासन प्रशासन को ज्ञापन दिया था। हमने तत्काल इस पर कार्यवाही चाही परंतु शासन प्रशासन की कार्यप्रणाली इतनी खराब है कि अभी तक खाद पूर्ति नहीं हुआ और खाद का बीजेपी सरकार निजीकरण कर दिया है। खाद की भी कालाबाजारी और जमाखोरी होने लगा है। अब बीजेपी सरकार की मंशा साफ है। किसानों की आय में कटौती करना है क्योंकि खाद बीज सही मात्रा में नहीं देने पर फसल का उत्पादन कम होगा। जिससे मंडी में किसान कम मात्रा में फसल बेचेगा, जिससे किसानों की आय में फर्क तो पड़ेगा और सरकार को ज्यादा धन व्यय भी नहीं करना होगा। सरकार खाद,बीज का पैसा बचा रही। साथ ही फसल में प्रभाव पड़ने से ज्यादा मात्रा में धान खरीदना भी नहीं पड़ेगा। राम राज्य की बात करने वाले जगह जगह शराब भट्टी खोल कर शिक्षा संस्थाओं को बंद कर रहा । आज खाद दुगनी दर पर बेचा जा रहा। जमाखोरों पर कोई कार्यवाही नहीं हो रहा। शालाओं में अभी पुस्तके उपलब्ध नहीं हो पाई है। गांव गली मोहल्ले में शराब बिक रहा। सरकार पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग अगर सही से काम करता है तो गांव गली अवैध बिकने वाले शराबों पर पाबंदी लगाए। सरकार के इस प्रकार के मजदूर किसान विरोधी नीतियों के विरोध में छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा/ किसान संघ/छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ ने अनुविभागीय दंडाधिकारी दल्ली राजहरा /डौडी लोहारा के द्वारा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्री , राज्यपाल , मुख्यमंत्री , कृषि मंत्री के नाम पर ज्ञापन सौंपा गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर, जिला किसान संघ के अध्यक्ष गैदसिंह ठाकुर, छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उईके, कोषाध्यक्ष राजाराम बरगद, महामंत्री रामचरण नेताम, उपाध्यक्ष शैलेश बमबोडे, दीनदयाल रंगारी,नासिक यादव तिलक, ललन साहू, तिलक राजपूत, महेश भारती, ,हितेश डोंगरे, सीटू अध्यक्ष प्रकाश क्षत्रिय , डौंडी से देवेंद्र सिंन्द्रामे और आस पास के किसान साथी,सैकड़ों संख्या में श्रमिक संघ एवं डौडी लोहारा मे सैकड़ो की संख्या मे मोर्चा के साथी उपस्थित हुए ।
