बंदर भगाने वाले बंदूक से मथेना के ग्रामीण कर रहे थे जंगल में पक्षियों का शिकार, वन विभाग की निगरानी पर उठा सवाल



बालोद/ डौंडी। डौंडी ब्लॉक के ग्राम ढोर्रीठेमा में रविवार को कुछ शिकारी ग्रामीण पकड़े गए हैं। जो बंदर भगाने वाले बंदूक से पक्षियों का शिकार करते थे। दिनदहाड़े उनके द्वारा शिकार किया जा रहा था। इसकी जानकारी आसपास के ग्रामीणों को लगी और समय रहते विभाग को खबर की गई। विभाग के लोगों ने टीम बनाकर घेराबंदी की और जंगल के आसपास ही आरोपियों को पकड़ा गया। जब उनकी तलाशी ली गई तो चौंकाने वाली चीजें बाहर आई। उनके पास बंदर भगाने वाले दो देसी बंदूके थी। तो साथ ही उनके पास कुल 22 मृत वन्य जीव जिनमें अधिकतर पड़की प्रजाति के पक्षी शामिल है, मिले। इसके अलावा हारिल, बाज , गिलहरी और एक लावा बटर भी मिला है। यह पूरा मामला डौंडी वन परिक्षेत्र अंतर्गत ढोर्रीठेमा सहायक वन परिक्षेत्र का है। गिरफ्तार किए गए तीनों ग्रामीण ग्राम मथेना डौंडी ब्लॉक के ही रहने वाले हैं। आरोपियों के नाम हेमलाल उम्र 40 साल, विजय कुमार उसेंडी उम्र 20 साल और इशांत कुमार उसेंडी उम्र 18 साल तीनों निवासी मथेना है। आरोपियों से वन्य जीव प्राणी पक्षी और दो बंदूक और मोटरसाइकिल जब्त किया गया। उनके खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9,27,50 और 51 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। चर्चा है कि उक्त ग्रामीण लंबे समय से जंगल में वन्य जीवों का शिकार कर रहे थे। पर खुलेआम इस तरह उनके द्वारा जंगल में घूम कर बंदर भगाने वाले बंदूकों से पशु पक्षियों का शिकार किया जाना बड़े सवाल खड़े करते हैं। खासकर वन विभाग की निगरानी पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है कि विभाग क्यों इस पर गंभीर नहीं है। वही लगातार क्षेत्र में जंगली जानवरों की मौत होना भी वन्य जीव प्राणियों की सुरक्षा और जंगल की निगरानी में विभाग की नाकामी को उजागर करती है। रविवार को डौंडी ब्लॉक में ग्राम ओढ़गांव में एक दो साल के मादा हिरण जख्मी हालत में मिला जिसका इलाज के दौरान मौत हो गया।हिरण गर्भवती थी।गर्दन के पर किसी से टकराने या चोट के निशान थे। ढाई महीने में इलाके में हिरण की यह चौथी मौत है।

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