कचरा परिवहन के नाम पर 24500 का भुगतान, एक पंचायत ने दूसरे पंचायत का लगाया बिल, आरटीआई से हुआ खुलासा, मामला बी जामगांव का
बालोद। बालोद ब्लाक के ग्राम पंचायत बी जामगांव में पूर्व सरपंच और वर्तमान भाजपा मंडल करहीभदर की उपाध्यक्ष पुष्पा देवांगन के कार्यकाल के दौरान फर्जी बिल भुगतान किया गया है। उनके द्वारा अपने पंचायत में दूसरे पंचायत का बिल लगाकर भुगतान किया गया है। इस भ्रष्टाचार और गड़बड़ी का खुलासा आरटीआई से हुआ है। सूचना के अधिकार के तहत दस्तावेज प्राप्त करने के बाद एक कार्यकर्ता ने कलेक्टर, जनपद, जिला पंचायत के अधिकारियों को शिकायत करते हुए पूर्व सरपंच और सचिव पर कार्यवाही की मांग की है। आवेदन के साथ उन्होंने आरटीआई से प्राप्त दस्तावेज भी संलग्न किए हैं। जो फर्जी भुगतान को प्रमाणित कर रहे हैं। उक्त दस्तावेजों को मीडिया को उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता व्यक्ति ने बताया कि सांकरा क पंचायत का बिल लगाकर कचरा परिवहन के नाम पर 24500 का बिल भुगतान किया गया है एक पंचायत ने दूसरे पंचायत का बिल लगाकर इस तरह से फर्जीवाड़ा किया है। पहले भी इस तरह के कृत्य हो चुके हैं। शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं होना भी कई संदेह को जन्म देता है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पूर्व में सरपंच रही पुष्पा देवांगन, जिनके कार्यकाल में यह गड़बड़ी हुई, वर्तमान में उनके ही पति सरपंच हैं तो वहीं पूर्व सरपंच अब भाजपा में पदाधिकारी बन चुकी है। चर्चा है कि भाजपा की सत्ता होने के चलते उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। अधिकारी भी मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं, शिकायत के बावजूद अब तक जांच लंबित है। जिसके चलते इस तरह शासन की राशि में बंदरबाट करने वालों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। शिकायतकर्ता ने आरटीआई से प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत को 15 वें वित्त में लगभग 32 लाख प्राप्त हुए थे, किन्तु पंचायत द्वारा 62 लाख रुपए का व्यय बताने के साथ साथ बेहद आश्चर्यजनक तरीके से ग्राम पंचायत (बी.) जामगांव की तात्कालिक सरपंच पुष्पा देवांगन जो वर्तमान में भाजपा मंडल की पदाधिकारी है उन्होंने तात्कालिक सचिव के साथ मिलकर ग्राम पंचायत सांकरा (क) के नाम से कचरा परिवहन के एक देयक का भुगतान अपनी पंचायत की राशि से किया है, जो एक गंभीर अनियमितता है। जिसकी कलेक्टर से सहप्रमाण लिखित शिकायत कर जांच करवा दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की गई है। ग्राम पंचायत (बी) जामगांव के तात्कालिक सरपंच और वर्तमान मंडल पदाधिकारी पुष्पा देवांगन सहित सचिव पर इसी प्रकार से करहीभदर पंचायत के बिल का भुगतान अपनी पंचायत से करने की शिकायत पूर्व में फरवरी माह में भी हुई थी। जिस पर अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए कारवाई की बात कही थी, किंतु हमेशा की तरह जिला प्रशासन ने भ्रष्टाचार के इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया।शिकायतकर्ता ने बताया कि वर्तमान में पूर्व सरपंच के पति ही पंचायत चुनाव में जीत कर ग्राम पंचायत (बी) जामगांव के सरपंच बने है और उनकी पत्नी वर्तमान में भाजपा मंडल की पदाधिकारी भी है। पूर्व की एक शिकायत पर भी आज पर्यंत तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि पूर्व सरपंच का भाजपा पदाधिकारी होने के कारण ही कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जिले के अधिकारी, भाजपा नेताओं के दबाव में निष्पक्ष जांच नहीं करवा रहे।
