आरएसएस की कार्यशैली और फासीवादी सत्ता की निंदा की
बालोद। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का राज्य स्तरीय 8वा अधिवेशन रायपुर के अग्रवाल भवन में सम्पन्न हुआ। जिसमें छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर और छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ सहित अन्य राज्य स्तरीय संगठन भी इस कार्यक्रम में शामिल हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय सदस्य, राजसभा सांसद पी संदोष कुमार, एनी.राजा( राष्टीय सचिव मंडल सदस्य) ने कहा आज फासीवादी सरकार बीजेपी और आर एस एस, सबसे बड़ी ताकत बनकर हमारे सामने चुनौती बनी हुई है, फासीवादी ताकत को हराना होगा, डेमोक्रेटिक देश को धार्मिक आधार पर देश को बांटने वाली सरकार के सामने हमारी पार्टी खड़ी हुई है, मजदूर किसान महिलाओं, के साथ मिलकर हमारी पार्टी के साथ खड़ा होना होगा, साम्राज्यवाद ताकत के साथ पूरी दुनिया को उलट पलट दिया है, कैसे पूरी देश मुसीबतों से चल रहा है इसका असर मात्र देश ही अपितु हर वर्ग पर पड़ रहा है। रेड क्लब के सदस्य सौरा यादव ने कहा आज हम यूनिटी के बिना आगे नहीं बढ़ सकते , आगे हम मिलकर फासीवादी विचार धारा के आगे लड़ेंगे, ऐसे एक सत्ता हमारे देश में आई जो मेहनतकशों के खिलाफ में , मजदूर ,महिला और किसानों पर जनविरोधी फैसलों को लाद रहा है, इसके खिलाफ लड़ेंगे, आदिवासियों के दमन करना, 1945 के बाद हमे साम्राज्यवाद समझने के देरी लगी, बस्तर के अंदर कैसा हालत है सब जानते है, सिलेगढ़ के आंदोलन को कैसे बंद करवा दिया, हर, 2 किलोमीटर में बी एस एफ कैंप खुलवा देना खनिज संपदा को लूटना है, रावघाट मे खनिज संपत्ति की लूट चालू हो गया, आज देश के अंदर किसानों की स्थिति बत से बत्तर है, आज छत्तीसगढ़ का किसान खाद की समस्या से जूझ रहा है, केवल सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाना चाहती है, आर एस एस संविधान को नहीं मानता है, संविधान के खिलाफ मनु स्मृति को लाना चाहती है, हमारी मूलभूत अधिकार समाजवाद, समानता, को खत्म करना चाहती है, हिटलर से ज्यादा तानाशाह है, आर एस एस । जनक लाल ठाकुर ने कहा वर्तमान हालत को देखते हुए, मुद्दे और समस्या बहुत है कम्युनिस्ट पार्टी मेहनतकश वर्ग का अगुवाई करने वाला है, जिस तरह तमाम तरह के अन्याय, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, और अभिव्यक्ति की आजादी न कर पाना आज देश का हालत ऐसा हो गया है ,हमारा कार्यक्रम सब समस्याओं को रोकना है, प्रदर्शन ज्ञापन के माध्यम से हम आर एस एस को रोकना चाह रहे है पर हम रोक नहीं पा रहे है, हम गांव तक नहीं पहुंचे है ,गांव की हालत तक हम तब ही पहुंच पाएंगे, जब तक देश में मजदूर किसान संगठित होगे, जब तक हम संगठित नहीं होंगे तब तक हम फासीवादी का अंत नहीं कर सकते। आज छत्तीसगढ़ में हसदेव, रायगढ़ का जंगल अदानी को देने के लिए काटा जा रहा है, स्मार्ट मीटर लगने का मकसद आगे अदानी को लाभ पहुंचाना है, वर्तमान में हमारे पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं है, तमाम आंदोलन को सबको मिलकर करना होगा, सड़क का आंदोलन जनता चाहती है, हम लोग सभी को मैदानी लड़ाई के लिए सोचना चाहिए।। बहुत दिनों से सब अपने अपने अभ्यास में लगे हुए है, अंग्रेजों के शासन काल में देश द्रोही की पहचान करना आसान था लेकिन आज हमारे साथ ही फासीवादी प्रवृति की पार्टी आज शासन कर रही है जो नागरिकों के अधिकार, वोटिंग के अधिकार को छिन रही है,मजदूर एकता को कैसे बनाए रखे एक प्रयास हो रहा है , सीपीआई प्रयास कर रहा है, हर संभव फासीवादी के आगे लड़े, हर संघर्ष में धीरे धीरे एकता दिख रहा है, सत्ता वाले कह रहे है, विकाश हो रहा है, लेकिन उस विकास में किसानो का खेती जा रहा , गांव की जमीन जा रही है, ग्राम सभा का अवहेलना हो रहा है, सत्ता वाले संविधान नहीं मान रहे है । तुहीन देव ने कहा ये वर्ष कम्युनिस्ट पार्टी का शताब्दी वर्ष है, सीपीई का गौरवशाली इतिहास रहा है, इस तस्वीर का दूसरा पहलू ये है ब्रिटिश काल का दलाल आर एस एस का भी शताब्दी वर्ष है , मनुस्मृति पर आधारित नीतियों को लागू करना चाहती है, मानव समुदाय को कीड़े मकोड़े समझते है, मनुवादियों ने लगातार मानव जातियों के साथ अत्याचार किया है दलितों के साथ खाना कहकर बाद में गंगा जल छिड़क कर खुद शुद्ध हो जाते है ऐसी इनकी विचार धारा है , मनुस्मृति को आंबेडकर ने जलाया था उस मनुस्मृति को लागू करने की हिम्मत कैसे हो रही है, पिछले 12 साल से देश फासीवादी के शिकंजे में है, गांधी की हत्या के बाद लगातार आर एस एस अपने विकाश के चरम सीमा पर है, रायपुर के आरंग में तीन लोगों मॉब लीचिंग करके मारा गया, और आए दिन दलित पिछड़े लोगों के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार करती है। पी संदोष कुमार ( राज्य सभा संसद) ने कहा ज्यादा से ज्यादा एकता की आवश्यकता है, संविधान के ऊपर लगातार हमला किया गया , कोई भी सुरक्षित नहीं है देश के अन्दर और छत्तीसगढ़ के अन्दर जितना हो सके काम करेंगे।
