शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मड़ियाकट्टा में मनाई गई व्यास जयंती



गुरु की कृपा से ही हमें सच्ची शिक्षा मिलती है: दयालु राम पिकेश्वर

बालोद| डौण्डी लोहारा विकासखण्ड के वनांचल ग्राम मड़ियाकट्टा स्कूल में बच्चों ने गुरु पूर्णिमा पर्व का मनाया। कार्यक्रम शुभारंभ मां सरस्वती पूजा अर्चना से हुआ। बच्चों द्वारा शिक्षकों का आरती तिलक लगाकर स्वागत सम्मान कर आर्शीवाद प्राप्त कर किया। इस अवसर राज्यपाल पुरस्कृत प्रधान पाठक दयालु राम पिकेश्वर ने गुरु पूर्णिमा पर्व का महत्व, उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा आषाढ़ मास के पूर्णिमा दिन को गुरु पूर्णिमा कहा जाता है। गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा और व्यास जयंती के नाम से जाना जाता है।राज्यपाल पुरस्कृत प्रधान पाठक दयालु राम पिकेश्वर ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कहा, गुरु बिना ज्ञान नहीं, जीवन में मान नहीं,यह एक सार्थक वाक्य है। यह वाक्य गुरु के महत्व को दर्शाता है जो ज्ञान और सम्मान दोनों प्रदान करते है। इसके अतिरिक्त गुरु वह दीपक है,जो हमारे अज्ञान के अंधकार को दूर करता है। यह एक उपयुक्त वाक्य है जो गुरु द्वारा प्रदान किया जाता है। इस दिन माता पिता बड़ो और गुरु का आशीर्वाद लेने का महत्व है क्योंकि गुरु ही अंधकार से उजाले की ओर ले जाते है। गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए यह दिन समर्पित है।इस अवसर शिक्षक नारद राम भुआर्य गांधी राम बघेल सुनील कुमार अलेन्द्र भूमिका मोवाड़े उपस्थित रहे।

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