बालोद। कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी रोहन यादव आ० स्व. उग्रसेन यादव, उम्र-26 वर्ष, निवासी-निपानी, थाना व जिला बालोद (छ.ग.) को को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 452 के आरोप में पांच वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड, भा.द.वि. की धारा 376 (2) (ढ) के आरोप में दस वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण का संक्षिप्त विवरण बसंत कुमार देशमुख, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार नाबालिग पीड़िता बचपन से अपने नाना-नानी के गांव पायला में रहकर कक्षा दसवीं तक पढ़ाई की है, जिसके बाद वर्ष 2022 में अपने गांव ग्राम निपानी आकर कक्षा 11 की पढ़ाई कर रही थी। माह सितम्बर 2022 में जब पीड़िता कहीं आती जाती थी, तब गांव में रहने वाला आरोपी उसे प्यार करता हूँ, शादी करूंगा बोलता था और दिनांक 09-11-2022 को दोपहर 1-2 बजे जब पीड़िता अपने घर में अकेले थी, तब आरोपी आकर उसे प्यार करता हूँ, शादी करूंगा बोलकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया और किसी को घटना की जानकारी देने पर उसे जान से मारने की धमकी दिया और उसके बाद जब भी वह घर में अकेली रहती थी, उसके साथ आकर शारीरिक संबंध बनाता था। उक्त घटना के फलस्वरूप पीड़िता के गर्भवती होने पर पीड़िता के द्वारा दिनांक 10-06-2023 को उक्त घटना के बारे में अपनी मां को बतायी और थाना बालोद में उपस्थित होकर आरोपी के विरूद्ध लिखित शिकायत के आधार पर महिला प्रधान आरक्षक देवकुमारी साहू के द्वारा आरोपी रोहन यादव के विरूद्ध अपराध क्रमांक-266/2023, भारतीय दण्ड संहिता की धारा 452, 376 (2) (एन), 506 एवं संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 4, 5 (एल)/6 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया। सम्पूर्ण विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र दिनांक 06.09.2024 को प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना निरीक्षक नवीन बोरकर के द्वारा किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।
