गीता पाठशाला करहीभदर में हुआ ब्रम्हकुमारी द्वारा किया गया वृक्षारोपण, मुख्य अतिथि तोमन साहू ने कहा :मां जीवन देती है और पेड़ जीवन को संजोते है….



बालोद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय आत्मज्ञान भवन आामापारा बालोद के तत्वाधान में गीता पाठशाला करहीभदर में वृक्षारोपण का कार्यक्रम रखा गया । जिसमें विशेष रूप से उपस्थित जिला पंचायत उपाध्यक्ष व रेडक्रास सोसायटी के चेयरमेन तोमन साहू , महिला मोर्चा भाजपाध्यक्ष दीपा साहू, सेवानिवृत्त आर. टी. ओ. पंडित चुरेन्द्र , भोपसिंह साहू , ब्रह्माकुमारीज बालोद की मुख्य संचालिका बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी, साथ में बी.के. सरिता दीदी द्वारा 105 पौधों का रोपण किया गया। मंच संचालन बी.के. नेहा दीदी ने किया। बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदूषण इतना विकराल रूप ले चुका है कि हरेक को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझने की जरूरत है। आजकल प्लास्टिक बहुत बड़ी समस्या बन चुका है। इससे प्रकृति का दम घुट रहा है। प्रकृति ने हमें सबकुछ दिया है लेकिन जब हम लोभवश उसका अत्यधिक दोहन करने लगते है तब समस्या शुरू होती है। इसलिए अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और उनका संवर्धन करें।
बी.के. सरिता दीदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि जल, जंगल, जानवर, जमीन, जनमा इन सभी के समूह मिलकर बनता है पर्यावरण। जल जन अभियान के तहत उन्होंने कहा कि जल है तो हमारा भविष्य है। जल प्रकृति द्वारा मनुष्य को दी गई महत्वपूर्ण सम्पत्तियों में से एक है। बिना जल के जीवन की कल्पना संभव नहीं है। जल की कमी धीरे-धीरे बढ़कर एक गम्भीर समस्या का रूप लेती जा रही है। जन संख्या विस्फोट, बढ़ता प्रदूषण अंधाधुंध औद्योगीकरण, निरंतर गिरता भू जल का स्तर, वृक्षो का कटाव तथा पानी की बर्बादी आज सबसे बड़ी समस्यायें है।
तोमन साहू ने कहा कि एक पेड़ हरेक को अवश्य लगाना है। भारतीय संस्कृति में पेड़ को मां माना गया है, जब हम एक पेड़ लगाते है तो सिर्फ जड़े नहीं गाड़ते बल्कि हम संस्कृति, कर्तव्य और भविष्य को भी रोपते है। मां जीवन देती है और पेड़ जीवन को संजोते है। इस तरह से संस्था के भाई बहन भी उपस्थित थे। सभी ने मिलकर पौधा रोपण किया।

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