नगरीय निकायों के उपाध्यक्षो को भी मिले विकास कार्य हेतु निधि,,, उपाध्यक्षों ने कहा: सिर्फ नाम का ये पद है, बिना निधि के नहीं करवा पाते अन्य वार्डो में कोई काम



उपाध्यक्षो ने प्रदेश महामंत्री के जरिये नगरीय निकाय मंत्री तक बात रखने सौंपा मांग पत्र

बालोद । नगरीय निकायों में इस बार पूरे प्रदेश में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक की सबसे बड़ी जीत हासिल की है। इस जीत के बाद नगर सरकार में भाजपा का वर्चस्व बढ़ने के साथ ही जनप्रतिनिधियों से जनता की अपेक्षाएं भी बढ़ गई है । नगरीय निकायों में जिस प्रकार से अध्यक्षो को विकास कार्य कराने अलग से निधि का प्रावधान है। उसी प्रकार उपाध्यक्षो ने भी अपने पद अनुसार निधि की मांग की है। इसी क्रम में बालोद जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में प्रदेश भाजपा महामंत्री एवं धमतरी निगम के महापौर रामु रोहरा से मिलकर उन्हें प्रदेश के नगरीय निकाय मंत्री के नाम एक मांग पत्र सौंपा है। जिसमे प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के उपाध्यक्षो को भी निधि का प्रावधान रखने की मांग की गई है। मांग पत्र के संदर्भ में बालोद नगर पालिका उपाध्यक्ष कमलेश सोनी ने बताया कि जिस तरह अध्यक्षो से निकाय की जनता को विकास की उम्मीद रहती है। उसी प्रकार उपाध्यक्षो से भी जनता की अपेक्षाएं रहती है। उनसे भी अलग अलग वार्ड की जनता समस्या से निजात दिलाने की मांग करती है। परंतु निधि का प्रावधान नही होने से उस समय जनप्रतिनिधियों के सामने असमंजस की स्थिति निर्मित होती है। हम संगठन के माध्यम से उपाध्यक्ष निधि तय करने की मांग किये हैं। वहीं दल्लीराजहरा के उपाध्यक्ष मनोज दुबे ने कहा कि पूरे प्रदेश के उपाध्यक्षो में इस बात को लेकर पीड़ा है कि नगरीय निकाय में उन्हें सिर्फ पद ही मिलता है विकास कार्य हेतु अलग से कोई निधि नही मिलता। जिससे जनता के सामने हम कोई आश्वासन भी नही दे पाते और इसका खामियाजा उन्हें आने वाले समय में भुगतना पड़ता है। ऐसे में उपाध्यक्षो को भी अध्यक्ष की भांति निधि का प्रावधान का हल निकालना चाहिए ताकि हम भी जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतर सके। नगर पंचायत गुंडरदेही के उपाध्यक्ष विजय सोनकर ने कहा कि पार्षद निधि का उपयोग हम केवल अपने वार्ड तक ही कर पाते हैं। उपाध्यक्ष होने के नाते अन्य वार्डो के लोगो की अपेक्षा हमसे भी जुड़ी होती है। पर निधि नही मिलने से हम कुछ नही कर पाते। उपाध्यक्षो के पास अलग से कोई निधि नही होना न्यायोचित नही है। सरकार को इस समस्या पर ध्यान देने की जरूरत है। मांग पत्र सौंपने वालो में डौडी नगर पंचायत के उपाध्यक्ष संजीव मानकर, चिखलाकसा के उपाध्यक्ष राजू रावटे, गुरुर के उपाध्यक्ष श्रीमती कुंती सिन्हा भी उपस्थित रही।

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