6 सूत्रीय मांगों को लेकर दिव्यांग संघ करेंगे बालोद में धरना प्रदर्शन, निकालेंगे पैदल मार्च, तैयारी को लेकर हुई बैठक



बालोद । बालोद के गंगासागर तालाब तट पर बालोद जिले के दिव्यांगों की बैठक हुई। जहां छत्तीसगढ़ विकलांग मंच जिला बालोद द्वारा अपने 6 सूत्रीय मांगों को लेकर आगामी 18 जून को बालोद जिले में धरना प्रदर्शन और पैदल मार्च करने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में एसडीएम के नाम से ज्ञापन देते हुए पैदल मार्च निकाले जाने की अग्रिम सूचना दी गई। ज्ञापन के माध्यम से विकलांग मंच बालोद के अध्यक्ष हरिराम कोर्राम ने कहा कि हम लोगों के द्वारा छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ के बैनर तले कई बार छत्तीसगढ़ सरकार को एवं शासन प्रशासन को 6 सूत्रीय मांग हेतु आवेदन दिया गया है। लेकिन इस पर सरकार और शासन प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किया गया है। हम सरकार के खिलाफ विरोध करते हुए धरना एवं पैदल चलकर 6 सूत्रीय मांग को पूरा कराने के लिए प्रयास करेंगे। इसके लिए 18 जून बुधवार को बालोद बस स्टैंड के पास एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद दल्ली चौक, घड़ी चौक, जय स्तंभ चौक होते हुए बस स्टैंड वापस आकर पैदल मार्च समाप्त किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। इस हेतु तैयारी बैठक में प्रमुख रूप से अध्यक्ष हरिराम के अलावा राकेश कुमार निर्मलकर, शिवकुमार साहू, दिगंबर सोनबोईर, रूपेश सोनकर सहित अन्य मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों की प्रमुख 6 सूत्रीय मांगें इस प्रकार हैं:

  1. पेंशन में वृद्धि और BPL की बाध्यता समाप्त करना: दिव्यांगजनों को प्रतिमाह ₹5000 मासिक पेंशन दी जाए और इस पेंशन के लिए बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) होने की बाध्यता को समाप्त किया जाए। वर्तमान में यह पेंशन राशि काफी कम है।
    2.महतारी वंदन योजना का लाभ: 18 वर्ष से अधिक की अविवाहित दिव्यांग युवतियों और महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दिया जाए।
    3.विशेष भर्ती अभियान: दिव्यांगजनों के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाकर अतिशीघ्र शासकीय पदों पर विज्ञापन जारी किया जाए, ताकि उन्हें रोजगार मिल सके।
  2. पदोन्नति में आरक्षण: शासकीय दिव्यांग कर्मियों को पदोन्नति में 4% आरक्षण दिया जाए।
  3. कर्ज माफी और बिना गारंटर लोन: कोरोना के पूर्व दिए गए सभी दिव्यांग लोन माफ किए जाएं और बेरोजगार दिव्यांगों को बिना गारंटर के लोन दिलाया जाए।
    6.फर्जी प्रमाण पत्रों की जांच और बर्खास्तगी: फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने वाले लोगों की राज्य मेडिकल बोर्ड या संभाग मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच की जाए और उन्हें बर्खास्त किया जाए।
    ये मांगें छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ द्वारा समय-समय पर विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों के माध्यम से उठाई जाती रही हैं।

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