जगन्नाथपुर के बाद अब पड़ोसी गांव सांकरा ज में बिकने लगी अवैध शराब और गांजा, सरपंच बोली: मिली है शिकायत, चेतावनी के बाद भी नहीं सुधर रहे लोग



बालोद। बालोद थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सांकरा ज, जो कि जगन्नाथपुर पंचायत का पड़ोसी ग्राम है, में भी अब अवैध शराब और गांजे की बिक्री शुरू हो चुकी है। जहां विगत दोनों जगन्नाथपुर गांव अवैध शराब बिक्री को लेकर चर्चा में रहा और लगातार पुलिस प्रशासन यहां कार्रवाई की। वहीं ग्रामीणों द्वारा पाबंदी लगाते हुए अर्थ दंड का नियम बनाया गया मुनादी कराई गई। इसके बाद से कुछ हद तक खुलेआम अवैध बिक्री बंद हुई लेकिन इसका फायदा अब पड़ोसी गांव सांकरा, खास कर शिकारी पारा के नशे में धुत रहने वाले युवक उठा रहे हैं। जो खुलेआम अब शराब और गांजे की बिक्री में संलिप्त हो चुके हैं । सांकरा के गौठान, पानी टंकी, पुरानी सोसाइटी, बाजार चौक,बस स्टैंड के आसपास के कॉन्प्लेक्स परिसर, परसदा मार्ग, बिजली ऑफिस के आसपास आदि कुछ ऐसे ठिकाने हैं जहां पर जमकर अवैध शराब और गांजा बेचा जा रहा है। नाम प्रकाशित न करने की शर्तों पर सूत्रों ने बताया कि स्थिति तो ऐसी है कि शिकारीपारा में तो कुछ महिलाएं भी इस कारोबार में संलिप्त हो गई है। एक घर में तो पति पत्नी मिलकर गांजा और शराब बेचते हैं। इन शिकायतों और बिगड़ते माहौल पर स्थानीय महिला सरपंच लता चुरेंद्र का कहना है कि लगातार कुछ लोगों द्वारा अवैध शराब और गांजा बेचने की शिकायत आ रही है। हमने ऐसे लोगों को चेतावनी भी दी है कि यह सब बंद कर दे। इससे गांव की बदनामी होती है। फिर भी कुछ लोग नहीं सुधर रहे हैं। इसको लेकर वे जल्द ही पुलिस प्रशासन से तो लिखित शिकायत करेंगे ही, साथ ही गांव स्तर पर भी बैठक लेकर कड़े नियम कायदे लागू करेंगे ताकि अभी से इस पर नियंत्रण पाया जा सके। वरना बाद में इसके परिणाम गंभीर आते हैं।

जगन्नाथपुर में खुले आम पीने पर लगाई है पाबंदी तो मदिरा प्रेमी सांकरा और परसदा मार्ग को बनाए हैं ठिकाना

ज्ञात हो कि पड़ोसी ग्राम जगन्नाथपुर पंचायत में अक्षय तृतीया पर अवैध शराब के कारोबार पर पाबंदी लगाते हुए खुलेआम बेचने, पीने और खरीदने वालों पर पाबंदी लगाई है। जिसके चलते अब बस स्टैंड के आसपास माहौल शांत रहता है। लोग खुले में पीते नजर नहीं आते हैं। लेकिन इस पाबंदी के चलते पड़ोसी ग्राम सांकरा के सरहदों पर लोग जाम छलकते भी नजर आ रहे हैं । तो वही शिकारीपाड़ा के कई युवक इस कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं । जो सुबह से लेकर देर रात तक शराब और गांजे की बिक्री में संलिप्त रहते हैं। पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग द्वारा बीच-बीच में छापे भी मारे गए हैं लेकिन बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है। तो वही इन अवैध कारोबारियों पर प्रशासन की कार्यवाही का भी कोई असर नहीं पड़ रहा है। आबकारी निरीक्षक आसाराम शाक्य ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई थी जिस पर विगत दोनों सांकरा के शिकारी पारा में छापे भी मारे गए थे। हालांकि कोई आरोपी पकड़े नहीं गए। लगातार हम निगरानी कर रहे हैं तो बालोद थाना प्रभारी रविशंकर पांडेय का भी कहना है जहां भी शिकायत आती है हम कार्रवाई करते हैं। जगन्नाथपुर सहित आसपास गांव में लगातार पुलिस गश्त भी जारी है। ताकि अवैध शराब बिक्री के साथ-साथ आसामाजिक तत्वों का उत्पात भी कम हो और अपराधों पर नियंत्रण बना रहे।

बढ़ते अपराधों को देखते हुए पुलिस चौकी खोले जाने की उठी थी मांग, शराब भट्टी भी था चर्चित मुद्दा

जगन्नाथपुर, सांकरा और आसपास गांव में शराब और गांजे की अवैध बिक्री के चलते कम उम्र के युवा सहित बड़े बुजुर्ग तक भी नशे में चूर नजर आते हैं। इसके चलते आए दिन कोई ना कोई बड़ी वारदात यहां होती रहती है। जिसे देखते हुए सुशासन तिहार के दौरान भी ग्रामीणों द्वारा गांव में पुलिस चौकी खोले जाने की मांग की गई थी। तो वहीं कुछ वर्ग शराब बिक्री को बंद करवाने या गांव में शराब दुकान खोले जाने की अनुमति देने की मांग पंचायत प्रशासन से किए थे। हालांकि इस पर आबकारी विभाग ने निर्णय सुना दिया है कि पंचायत ने एनओसी नहीं दी है तो यहां पर शराब दुकान खोला जाना संभव नहीं होगा और समय-समय पर जिनके द्वारा भी अवैध शराब बिक्री की जाती है उनके खिलाफ अगर शिकायत आती है तो उन पर छापा मार कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

You cannot copy content of this page