बालोद। डौंडीलोहारा वनांचल क्षेत्रों के विभिन्न समितियों में रासायनिक खाद और बीज की कमियों के वजह से किसानो के चेहरों पर मायूसी छाई हुई है। 15 दिनों बाद मानसून आने वाली है । किसान अपने खेतों की साफ-सफाई कर बारिश के इंतजार में हैं। लेकिन समितियों में अभी तक खाद की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हुआ है। जिला पंचायत सदस्य राजाराम तारम ने बताया कि कोड़ेकसा,भवरमरा,रेंगाडबरी,खैरकट्ट कमकापार,मंगचुआ,गैंजी,लोहारा संबलपुर, बड़गांव समितियों में खाद बीज की किल्लतों का सामना करना पड़ा रहा है। किसानों का रोज फोन आ रहा है। नोडल अधिकारी बालोद सीआर रावटे को फोन से बात किया हूं तो सारे समितियों के प्रबंधकों से जानकारियां दी गई कि रेक प्वाइंट बालोद में युरिया पहुंच गई है। जगतरा के गोदामों में डंपिंग होने के बाद सारे समितियों का परमिट जमा हो गई है। दो चार दिन में पहुंचना शुरू हो जाएगा। रही बात डीएपी खाद की तो कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा है कि खाद पर्याप्त मात्रा में है लेकिन डीएपी खाद के बदले 20:20:013 किसानों के लिए दूसरी विकल्प है। पूरे राज्यों में मै ध्यानाकर्षण करना चाहूंगा कि राज्य सरकार खाद बीज की तत्काल मुहैय्या कराए। ताकि किसान भाइयों को बारिश में समस्या से निजात मिल सके। विधायक प्रतिनिधि गोविंद चन्द्राकर ने कहा कि सभी समितियों में खाद और बीज की समस्या है। सरकार से चाहते हैं कि किसान भाइयों को किसी भी चीज की कमी नहीं होनी चाहिए। केसीसी ऋण खाद और बीज बारिश होने से पहले सभी किसान भाइयों को वितरण करें। कमकापार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति का खाद गोदाम का टिन सेड आंधी तुफान से पुरा उखड़ गया है। वहां रखे कुछ खाद सामान भीग गया है यह जानकारी समिति प्रबंधक और ग्रामीणों ने दी।
आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों में चल रही रासायनिक खाद की मारामारी
