बालोद । गुरुर ब्लॉक के ग्राम दूबचेरा में बुधवार को आंधी तूफान ने जमकर तबाही मचाई है। जिसका असर गुरुवार तक भी देखने को मिला। बुधवार की शाम को 5 बजे हवा तूफान के कारण बिजली चली गई और आंधी इतनी थी गांव के पांच बिजली खंभे भी टूट कर गिर गए। जिन्हें बनाने का काम गुरुवार को शाम 4 बजे तक चला। लेकिन बिजली अब तक बहाल नहीं हो पाई है। इससे ग्रामीणों को बिजली और पानी लेकर काफी परेशानी हो रही है। पानी के लिए लोग भटक रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द विद्युत विभाग व्यवस्था सुधार करे ताकि बोर और नल चालू हो सके। तो वहीं कुछ ग्रामीणों ने दानदाता की भूमिका निभाते हुए जनरेटर की व्यवस्था कर अपने बोर चालू कर लोगों को पानी दिया। ऐसी व्यवस्था चार जगह ही हो पाई। गांव के पूर्व जनपद सदस्य एस कुमार कलिहारी ने बताया ग्रामीण धनेश साहू, जालम नेताम, संतकुमार साहू, खुमान सार्वा ने यह पहल की। पूरे गांव भर के लोग उन्हीं चार ग्रामीणों के घर पानी भरने के लिए आते रहे। सुबह से शाम तक पानी भरने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। ग्रामीणों ने बताया कि पांच जगह बिजली के खंभे गिरने से लगभग 36 घंटे से लाइट तो बंद है ही। पानी को लेकर भी बहुत परेशान है। रात भर बिजली ही नहीं आई। गुरुवार को भी यही परेशानी झेल रहे हैं ।जिससे व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। किसानों को भी इससे काफी परेशानी हो रही है। रबी फसल में जो धान के बजाय उड़द और मूंग लगा है वह पक कर तैयार हो गया है लेकिन बेमौसम बारिश और आंधी तूफान से उक्त फसल के उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। दूबचेरा में गुरुवार की शाम तक की स्थिति में ही बिजली विभाग द्वारा व्यवस्था बहाल नहीं की जा सकी थी। ग्रामीणों को एक बार फिर अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। वहीं पानी के लिए परेशान होना पड़ा। ऐसे में मानवता का परिचय देते हुए चार ग्रामीणों ने अपने घर के बाहर जनरेटर लगाकर बोर चालू कर लोगों को पानी दिया है। पानी भरने के लिए लोगों के बीच काफी मशक्कत देखने को मिल रही है। एक तस्वीर सामने आई है जिसमें ग्रामीण पानी भरने के लिए बर्तन लेकर पकड़े गोल घेरे में नजर आ रहे हैं।
आंधी तूफान और बारिश ने मचाई दूबचेरा में तबाही, 36 घंटे से बिजली और पानी की व्यवस्था ठप, जनरेटर से बोर चालू कर चार लोगों ने दिया गांव वालों को पानी
