बड़ी खबर : रुद्रा राइस मिल में हुआ हादसा, पाइप में फंसे भूसे का गर्दा निकालते समय जमीन पर गिरा मजदूर, अस्पताल पहुंचने तक हो गई मौत



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जांच के घेरे में राइस मिल और मिलर, नियम कायदो की जा रही थी अनदेखी, सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं

गुरुर। गुरुर के नजदीक ग्राम बोरतरा में संचालित रुद्रा राइस मिल में शनिवार को सुबह करीब 7:53 बजे 35 वर्षीय एक मजदूर योगेश यादव निवासी बोरतरा की लगभग 22 से 25 फीट की ऊंचाई से गिरने से मौत हो गई। उक्त मजदूर करीब डेढ़ साल से राइस मिल में काम कर रहा था। जो घटना की सुबह अपने एक साथी मजदूर थानेश्वर उर्फ मोनू पटेल के साथ राइस मिल के ऊपरी हिस्से में लगे पाइप (डोंगा) में फंसे हुए भूसे का गर्दा निकालने के लिए चढ़ा हुआ था। इस दौरान पैर फिसलने से योगेश जमीन पर गिरा। सर के बल गिरने से उसे गंभीर चोट आई। जब तक उसे अस्पताल पहुंचाया गया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना में छानबीन शुरू कर गुरुर पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। थाना प्रभारी सुनील तिर्की का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। इधर परिजनों ने राइस मिल प्रबंधन पर सुरक्षा की अनदेखी को लेकर सवाल उठाया है। साथ ही उचित मुआवजे की मांग की है। पूर्व विधायक भैया राम सिन्हा के साथ परिजन, स्थानीय ग्रामीण राइस मिलर रामा अग्रवाल से मुआवजा को लेकर चर्चा भी करने पहुंचे थे। लेकिन मिलर द्वारा मांग के मुताबिक मुआवजा न दिए जाने की बात कही गई। जिसके बाद परिजनों ने थाने में रिपोर्ट लिखवाई है। घटनास्थल पर साथ में काम कर रहे थानेश्वर मोनू पटेल से जब हमने बातचीत की तो उन्होंने बताया कि घटना के वक्त उनकी नाइट ड्यूटी खत्म हो चुकी थी। रात 10 से सुबह 7 बजे तक की नाइट ड्यूटी कराया जाता है। इसके बावजूद उनसे 8 बजे तक उस दिन काम कराया जा रहा था। घटना के एक दिन पहले रात को बारिश हुई थी तो भूसा का गर्दा पाइप में पूरा फंसा हुआ था। जिसे निकालने के लिए मिलर के निर्देश पर दोनों मजदूर साथ चढ़े थे। पानी गिरे होने के कारण ऊपर टीन शेड में चप्पल तक फिसल रहा था। ऐसे में चलना मुश्किल हो रहा था। जैसे तैसे रात भर 12 घंटे की ड्यूटी करने के बाद गर्दा निकालने के लिए चढ़े मजदूर योगेश यादव पाइप तक पहुंचे, कुछ ही देर बाद उनका पैर फिसल गया और वह सिर के बल करीब 25 फीट की ऊंचाई से नीचे आ गिरा। इस दर्दनाक हादसे में वह बुरी तरह घायल हो गए। आनन फानन में गाड़ी की व्यवस्था कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर विनय ने उन्हें मृत घोषित किया। घटना के वक्त मिल के नीचे दो ड्राइवर इंद्रजीत और भीम भी खड़े हुए थे। उनके द्वारा भी लापरवाही बरते जाने की बात सामने आई है। चर्चा है कि घायल मजदूर को अस्पताल पहुंचा कर वे उसे अकेला छोड़कर चले गए थे। साथ में कोई नहीं था। मजदूरों ने बताया कि 320 रुपए रोजी में उनसे 12 घंटे काम करवाया जाता है । श्रम कानून के तहत 8 घंटे की ड्यूटी का नाम लेकर 12 घंटे काम करवा कर जहां एक ओर श्रम कानून को उल्लंघन तो किया ही जा रहा है तो वहीं सुरक्षा को लेकर भी कोई इंतजाम नहीं है। बिना किसी सुरक्षा जैसे हेलमेट, जूते आदि के दोनों मजदूर पाइप में भरे भूसे का गर्दा निकालने के लिए चढ़े हुए थे और यह अनहोनी हो गई। इसमें राइस मिलर द्वारा सुरक्षा को ताक पर रखने का आरोप भी परिजनों ने लगाया है। तो वहीं थाना प्रभारी सुनील तिर्की का कहना है कि मर्ग कायम कर लिया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। परिजनों ने जो आरोप लगाया है उसकी भी जांच होगी। घटनास्थल जहां पर दोनों मजदूर चढ़े थे वहां पर सामने कोई सुरक्षा घेरा ही नहीं है । ऐसे में जरा सी भी चूक होती तो उन दोनों का नीचे गिरना स्वाभाविक था और आखिर वही हुआ। बीती रात को हुई बारिश से टीन शेड के ऊपर फिसलन जैसी स्थिति बन चुकी थी और जैसे ही पाइप में फंसे भूसे का गर्दा निकालने के लिए मजदूर योगेश यादव नजदीक पहुंचा उसका पैर फिसल गया और वह नीचे आ गिरा। फिलहाल राइस मिलर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग परिजन कर रहे हैं। साथ ही शासन प्रशासन और मिलर से भी उचित मुआवजे की मांग की जा रही है। क्योंकि उक्त मजदूर अपने घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था और इस हादसे ने परिवार का सहारा छिन लिया है।

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