सिंदूर की कसम, हम सबने खायी है।
आतंकवादियों से बदला लेने,हिन्दुस्तानियों ने कदम बढ़ाई है।
अरे आतंकवादियों क्यों चलाते हो गोलियां, भारत माता के इस देश में, भिखारियों की वेश में।
अगर “लेख” की मौन गरजेगी, कसम सिंदूर की, पाकिस्तान में गोली नहीं गोला बरसेगी।
आओ झुक कर करें सलाम उन माताओं के सिंदूर को, जिसके हिस्से में यह मुकाम आता है।
नमन है वह खून को, जो देश की काम आता है।
कुछ नशा सिंदूर की आन का है, कुछ नशा भारत माता की शान का है।
सिंदूर के बदला के खातिर, पाकिस्तान को बूंद बूंद पानी को तरसाएंगे।
आओ हम सब हिंदुस्तानी मिलकर करें प्रण, महाकाल बन कर पाकिस्तान से बदला चुकाएंगे।
सिंदूर की कसम, हम सबने खायी है।
आतंकवादियों से बदला लेने, हिंदुस्तानियों ने कदम बढ़ाई है।
✍️ लेख राम साहू
सहायक परियोजना समन्वयक
जिला परियोजना कार्यालय
समग्र शिक्षा जिला बालोद(छ.ग)
निवास हथौदमो.9926156421*












