अर्जुंदा महाविद्यालय में “तृतीय लिंग समुदाय समावेशन की ओर” विषय पर हुआ व्याख्यान



बालोद। शहीद दुर्वासा निषाद शासकीय महाविद्यालय अर्जुंदा में समाजशास्त्र विभाग एवं महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वाधान में ‘ तृतीय लिंग समुदाय समावेशन की ओर’ विषय पर अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया l मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया l कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. सुचित्रा शर्मा भारती विश्वविद्यालय दुर्ग एवं विशिष्ट अतिथि श्री धनसिंह सहारे शहीद कौशल यादव महाविद्यालय गुंडरदेही बालोद उपस्थित थे l डॉ. समीर दशपुत्रे ने तृतीय लिंग समुदाय के समाज में प्रतिनिधित्व एवं तृतीय लिंग समुदाय को महिला तथा पुरुष की भांति समाज में समान अवसर की आवश्यकता पर प्रकाश डाला । महिला प्रकोष्ठ संयोजक डॉ. अरुणा साव ने तृतीय लिंग समुदाय के समाज में समावेशन की आवश्यकता पर जोर दिया l विशिष्ट अतिथि श्री धनसिंह सहारे ने बालोद क्षेत्र में रहने वाले तृतीय लिंग समुदाय के बारे में जानकारी दी कैसे वो समाज में भेदभाव के शिकार है और अपनी पहचान छिपाते है l कहा कि उन्हें हमें समाज में मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास करना चहिए । मुख्य वक्ता डॉ. सुचित्रा शर्मा ने तृतीय लिंग समुदाय के बारे में विस्तार से चर्चा की l कहा कि समुदाय समाज में उपेक्षा का शिकार है। परिवार के लोग स्वयं इन्हें स्वीकार नहीं करते l उन्होंने तृतीय लिंग समुदाय के वर्गीकरण एवं लैंगिक पहचान के आधार पर समाज में इनके साथ भेदभाव की स्थिति के बारे में बताया l ऐतिहासिक प्रमाण जैसे रामायण एवं महाभारत में भी इस समुदाय का उल्लेख की जानकारी दी l वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समुदाय के कानूनी पहचान एवं अधिकार ,भारतीय परिप्रेक्ष्य में इस समुदाय के समावेशी विकास के बारे में बताया कि कैसे इन्हें समाज में समान दर्जा एवं प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है तथा समाज में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए कैसे समावेशी समाज का निर्माण किया जा सकता है l उन्होंने इस समुदाय के विकास के लिए कहा कि मीडिया एवं प्रचार-प्रसार ही एक माध्यम से जिससे समाज में जागरूकता लाई जा सकती है l मानसिक स्थिति में सुधार के द्वारा भी एक हद तक इस समुदाय की स्थिति सुधार सकते हैं l डॉ. शर्मा ने तृतीय लिंग समुदाय के कुछ चर्चित व्यक्तित्व जैसे लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी, मधुकिन्नर, शबनम बानो, निष्ठा विश्वास, गंगा कुमारी एवं ज्योति मंडल आदि के बारे में जानकारी दी कि कैसे समाज में भेदभाव के बावजूद उन्होंने समाज में एक सम्मानजनक पद हासिल की l कार्यक्रम के अंत में विषय से संबंधित प्रश्नों एवं समस्याओं का समाधान किया गया l कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में तृतीय लिंग समुदाय के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करना था जिससे इस समुदाय को समाज में समान अवसर एवं सम्मान प्राप्त हो सके। कार्यक्रम का संचालन समाजशास्त्र की विभागाध्यक्ष श्रीमती दीपिका कंवर द्वारा किया गया l कार्यक्रम में डॉ. राजकुमारी गजपाल , छात्र – छात्राएं उपस्थिति रहे l

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