बालोद। जातिगत जनगणना करने का केंद्र सरकार द्वारा दिए गए फैसले पर डौंडीलोहारा विधायक अनिला भेड़िया ने कहा कि इस ऐतिहासिक फैसले का श्रेय नेता विपक्ष राहुल गांधी को जाता हैं, जिन्होंने लंबे समय से इस मुद्दे को जन-जन तक पहुँचाया और सरकार पर निरंतर दबाव बनाया। राहुल गांधी ने अपनी हर जनसभा, मीडिया के माध्यम से और संसदीय भाषणों में जातिगत जनगणना की मांग को प्रमुखता दी। उनका कहना था कि देश के पिछड़े, दलित और आदिवासी तबकों को न्याय दिलाने के लिए यह जनगणना जरूरी है ताकि वास्तविक आंकड़ों के आधार पर संसाधनों का न्यायपूर्ण वितरण हो सके।
उन्होंने उत्तर से दक्षिण, पूर्व से पश्चिम तक अपने भाषणों में बार-बार कहा, “जब तक जाति की गिनती नहीं होगी, तब तक हक की बुनियाद अधूरी रहेगी।” सरकार की आरंभिक असहमति के बावजूद, उन्होंने इस मुद्दे को लगातार जीवित रखा।यह निर्णय सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे वर्षों से वंचित तबकों को न केवल पहचान, बल्कि अधिकार भी मिलेगा। देश की जनता की ओर से एक भावनात्मक प्रतिक्रिया सामने आ रही है: “धन्यवाद राहुल गांधी जी, आपने हमारी आवाज़ को संसद तक पहुँचाया और सरकार को झुकने पर मजबूर किया।”
जातिगत जनगणना पर केंद्र सरकार का निर्णय: राहुल गांधी के संघर्ष की जीत : अनिला भेड़िया
