सावधान: पुलिस विभाग में ड्राइवर भर्ती के नाम पर ठग गिरोह हुआ सक्रिय, भोले भाले ग्रामीणों से की जा रही 2-2हजार रुपए की ठगी



जगन्नाथपुर के ड्राइवर की पत्नी ने दिखाई जागरूकता, 1930 में की शिकायत

बालोद। इन दोनों बालोद जिला सहित पूरे छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस विभाग द्वारा ड्राइवर भर्ती के नाम से एक फेक पोस्टर जारी कर लोगों से ठगी की जा रही है। इस पोस्टर पर लिखा है कि छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के लिए पुलिस ड्राइवर पद पर वैकेंसी निकली है ।जिसकी कुल पद संख्या 247 है ।ना किसी प्रकार का एग्जाम न इंटरव्यू ,सीधी भर्ती, अपने जिले के हिसाब से ले सकते हैं पोस्टिंग, योग्यता पांचवी पास, 8 घंटे ड्यूटी टाइमिंग, महीने में 6 छुट्टी, पीएफ, मेडिकल, रहना, खाना एवं आने जाने के लिए सुविधा, शुरुआती सैलरी 21200 रुपए देंगे ,आदि लुभावने बातें लिखकर लोगों को झांसे में लिया जा रहा है। पोस्टर पर यह भी लिखा है कि ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य है चाहे कोई सा भी हो। लाइसेंस वाले ही संपर्क करने की बात इस पोस्ट में लिखी गई है।

कुल 28 जिलों के नाम लिखे गए हैं और नीचे संपर्क नंबर दिया गया है। इस वायरल पोस्ट के कारण जगन्नाथपुर का एक ड्राइवर रोशन साहू ₹2000 की ठगी का शिकार हो गया। देर सबेर उन्हें जब ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने संबंधित व्यक्ति से जिनके खाते में स्कैनर के जरिए पैसे ट्रांसफर किए गए थे उसे वापस करने की मांग की तो फिर उक्त व्यक्ति ने अपना मोबाइल नंबर बंद कर दिया। इसके बाद रोशन साहू की पत्नी शीतल साहू ने जागरूकता दिखाते हुए साइबर फ्रॉड की शिकायत निशुल्क डायल नंबर 1930 पर की। जिसके उपरांत उनका केस दर्ज किया गया। उम्मीद की जा रही है कि उन्हें उनका पैसा वापस मिल जाएगा। वही एसडीओपी देवांश राठौर ने उक्त वायरल पोस्ट को फर्जी बताते हुए लोगों को सावधान करते हुए एक अपील जारी की है कि ऐसी कोई भी वैकेंसी छत्तीसगढ़ पुलिस के द्वारा जारी नहीं की गई है। साइबर अपराधियों द्वारा सोशल मीडिया फेसबुक और व्हाट्सएप पर पुलिस ड्राइवर की फ्रॉड वैकेंसी पोस्ट को प्रसारित कर रहे हैं। कृपया ऐसे पोस्ट से सावधान रहे और फ्रॉड पोस्ट पर दिए गए नंबर पर संपर्क बिल्कुल ना करें। हैरानी वाली बात यह है कि यह पोस्ट अलग-अलग फेसबुक प्रोफाइल पर अपलोड किए गए हैं। जिसमें संपर्क करने के लिए अलग-अलग लोगों के नंबर दिए गए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि कोई गिरोह सक्रिय है जो अलग-अलग जिले से भोले भाले लोगों को पुलिस विभाग में ड्राइवर की नौकरी का झांसा देकर पैसे जमा करवा रहे हैं। शुरुआती तौर पर फॉर्म भरने के लिए ₹2000 स्कैनर भेज कर डलवाया जाता है इसके बाद अन्य प्रक्रिया के नाम पर और पैसे डलवाए जाते हैं समय रहते जगन्नाथपुर के रोशन साहू और उनकी पत्नी ने जागरूकता दिखाई और साइबर फ्रॉड की शिकायत पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर की ज्ञात हो कि अधिकतर ड्राइवर पांचवी आठवीं या दसवीं तक पढ़े होते हैं। उन्हें साइबर फ्रॉड कैसे हो रहा है, इसकी ज्यादा जानकारी नहीं होती है और वे नौकरी के लालच में इस तरह के गिरोह के झांसे में आ जाते हैं। इसका फायदा उक्त गिरोह के लोग उठा रहे हैं। पुलिस ने ऐसे लोगों से सावधान रहने की अपील की है। पोस्टर पर नंबर अलग दिया रहता है और जिनके खाते पर या स्कैनर पर पैसे डलवाए जाते हैं उसमें यूपीआई मोबाइल नंबर अलग रहता है। इस तरह साइबर ठग म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल कर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। इस तरह से ठगी के कई मामले बालोद जिले में सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद लोगों में जागरूकता की कमी देखने को मिल रही है।

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