सरगुजा जिले के एसपी अब संभालेंगे बालोद की कमान, 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी है योगेश पटेल, बन सकते थे आईएएस अधिकारी, पर उन्होंने पुलिस का ही रास्ता चुना



बालोद। बालोद जिले के नए एसपी के रूप में अब छत्तीसगढ़ कैडर के 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी योगेश पटेल की पोस्टिंग हुई है। हाल ही में जारी तबादला आदेश में उन्हें सरगुजा जिले से बालोद जिले के लिए एसपी के रूप में पदस्थ कर भेजा जा रहा है। अब जिले के शांति और कानून व्यवस्था की कमान उनके हाथों में होगी। आईपीएस अधिकारी योगेश पटेल छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के रहने वाले हैं। बीटेक करने के बाद कोल इंडिया में नौकरी करते हुए उन्होंने यूपीएससी क्रैक की और आईपीएस बनें। वर्तमान में अंबिकापुर यानी सरगुजा जिले के एसपी है। उनका जन्म 30 अगस्त 1990 को हुआ। उनका गांव पिथौरा ब्लाक में स्थित है। पिथौरा ब्लॉक मुख्यालय से 3 किलोमीटर दूर ग्राम राजा सवैया उनका गृहग्राम हैं। उनके पिता हरिकृष्ण पटेल सरकारी शिक्षक होने के साथ ही कृषक भी हैं। बता दे कि योगेश के पिता एक समाज सेवक भी हैं। गरीबी के चलते स्कूल छोड़ने वाले कई बच्चों को उन्होंने फिर से स्कूल में एडमिशन दिलवा पढ़ाई पूरी करने में मदद की है। जब ग्राम रायतुम प्राथमिक शाला में उनकी पोस्टिंग थी तब योगेश पटेल ने उसी स्कूल से पहली से पांचवीं तक पढ़ाई की। पांचवीं में उनके 90% अंक आए थे। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा क्रैक की। छठवीं से लेकर बारहवीं तक की शिक्षा उन्होंने नवोदय विद्यालय सरायपाली से पूरी की। दसवीं में योगेश के 86% अंक आए थे। जबकि बारहवीं में 85% अंक आए थे। स्कूली शिक्षा पूरी होने के बाद योगेश ने एआईईईई एग्जाम निकाला। फिर एनआईटी रायपुर से सिविल ब्रांच में बीटेक किया। 2012 में बीटेक कोल इंडिया लिमिटेड में नौकरी करने लगे। उनकी पोस्टिंग सिंगरौली मध्य प्रदेश में थीं। नौकरी करते ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। दिन में नौकरी करते हो रात को पढ़ाई करते थे। नवोदय में पढ़ाई के दौरान शिक्षक पवन कुमार बेनीवाल ने उन्हें सिविल सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया था। नौकरी से आकर प्रतिदिन 5 से 6 घंटे की पढ़ाई वे करते थे। उन्होंने ऑनलाइन गाइडेंस लिया। वैकल्पिक विषय के रूप में उन्होंने भूगोल विषय चुना था। शुरू के तीन प्रयास में असफलता हाथ लगने के बाद चौथे प्रयास में 571 वीं रैंक के साथ आईपीएस बनने में सफल हुए।

यह है उनका प्रोफेशनल कैरियर

योगेश पटेल ने 17 दिसंबर 2018 को आईपीएस की सर्विस ज्वाइन की। सरदार वल्लभभाई पटेल प्रशिक्षण अकादमी हैदराबाद से ट्रेनिंग खत्म करने के बाद फील्ड ट्रेनिंग के लिए उनकी राजनांदगांव जिले में प्रशिक्षु आईपीएस के तौर पर पोस्टिंग हुईं। वे राजनांदगांव में बसंतपुर थाना प्रभारी भी रहें। इसके बाद रायगढ़ जिले में रायगढ़ सीएसपी रहें। फिर दंतेवाड़ा जिले के एडिशनल एसपी नक्सल ऑपरेशन बनें। एसपी के रूप में उनकी पहली पदस्थापना गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले में हुई थी। कमांडेंट चौथीं वाहिनी भी वे रहें। हाल ही में योगेश पटेल जून 2024 से अंबिकापुर जिले के एसपी रहे। अब बालोद की कमान संभालने जा रहे हैं।
पारिवारिक बैकग्राउंड देखें तक योगेश पटेल ने आईएएस रोमा श्रीवास्तव से शादी की है। रोमा पहले योगेश के बैच की ही आईपीएस थीं। आईपीएस की ट्रेनिंग के दौरान ही दोनों की मुलाकात हुईं। वे झारखंड की रहने वालीं है। आईपीएस रहते हुए ही यूपीएससी दिलाकर अगले ही वर्ष आईएएस के लिए चयनित हो गईं। वे छत्तीसगढ़ कैडर की 2019 बैच की आईएएस हैं।

मध्यम परिवार से रखते हैं ताल्लुक

योगेश पटेल एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं. योगेश पटेल के पिता हरिकृष्ण पटेल एक शासकीय शिक्षक के साथ एक समाज सुधारक भी थे. बताते हैं हरिकृष्ण पटेल ऐसे अनेकों बच्चों को स्कूल पहुंचाया जो या तो गरीब थे या फिर उन्हें शिक्षा का महत्व नहीं पता था। योगेश पटेल ने प्रथमिक शिक्षा महासमुंद के रायतुम के स्कूल से पूरी की. इसके बाद उन्होंने कक्षा 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय सरायपाली से पूरी की. योगेश ने एनआईटी रायपुर से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुशन की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद यूपीएससी की तैयारी में जुट गए थे।

आईएस छोड़ ईपीएस में अपना कैरियर चुना

पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल को करीब से जानने वालों की माने तो ये शुरू से ये एक मेधावी छात्र रहे हैं. ये किसी भी परिस्थिति हो उसका डटकर मुकाबला करने की अनोखी क्षमता रखते हैं। मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने के कारण यह समाज के निचले स्तर तक के लोगों की समस्याओं को बखूबी समझते हैं और उसे जल्द से जल्द निवारण करने में विश्वास रखते हैं. योगेश पटेल ने यूपीएससी की परीक्षा तीन बार पास की, एक बार इनका रेंक 434 था. आईएएस बन सकते थे लेकिन योगेश पटेल ने पुनः यूपीएससी का परीक्षा दिया इसके बाद इनका रैंक 571वीं आया और ये आईपीसी आफिसर बन गए। इनका चयन 2018 में हुआ और हैदराबाद में प्रशिक्षण के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल, सीबीआई जैसी विभाग में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अब छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में प्रशिक्षु पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थ हुए । राजनांदगांव के बाद राजधानी रायपुर में भी इनकी पदस्थापना हुई ।

ऐसे करते थे तैयारी

कॉलेज के समय से ही उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी थी । जब वे इंजीनियरिंग में थे, तब उनमें सिविल सर्विसेस में जाने का इच्छा जागी । इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद कॉल इंडिया में नौकरी किया और खाली समय में पूरा पूरा समय देकर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करते थे। जब भी उन्हें समय मिलता था परीक्षा की तैयारी में लग जाते थे। 1 दिन में करीब 5 से 6 घंटा तक पढ़ाई करते थे। उनकी अधिक तैयारी इंटरनेट के माध्यम से होती थी । कुछ संविधान ,भूगोल, साहित्य , सांस्कृतिक और इतिहास से जुड़े किताबों का भी उन्होंने अध्ययन किया है। कुछ मार्गदर्शन दिल्ली से भी प्राप्त हुआ । और इस अवधि में उन्हें उनके दोस्तों का पूरा पूरा सहयोग मिलता रहा । वे मीडिया के जरिए युवाओं को सुझाव देते हुए कहते हैं, कि सबसे पहले सभी छात्र – छात्राएं अपने लिए एक लक्ष्य निर्धारित करें और अपने लक्ष्य में अडिग रहें । अगर असफलताएं मिलती है तो असफलताओं से ना डरे आत्मविश्वास बनाए रखें , आज के समय में बहुत अड़चन आती है जो हमें अपने लक्ष्य से दूर करने की कोशिश करता है। तो ऐसी परिस्थिति में भी हमें अपने संकल्प के साथ लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना है । हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े तो मंजिल पाना इतनी भी मुश्किल नहीं है । इंटरनेट से भी बहुत सारी जानकारी हासिल की जा सकती है। जो सफल व्यक्ति हैं उनसे भी समय-समय पर मार्गदर्शन लेते रहें।

शिक्षकीय उपलब्धियां ऐसी थी

6वीं से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई नवोदय स्कूल सराईपाली में की। पांचवीं में 90 प्रतिशत, दसवीं में 86 तथा 12वीं में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।इसके बाद रायपुर एनआईटी से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया और 2012 से कोल इंडिया सिंगरौली मध्यप्रदेश में सहायक प्रबंधक के रूप में काम करते रहे। जॉब करते हुए वे यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। वे दिन में नौकरी करते थे और रात में नियमित रूप से परीक्षा की तैयारी करते थे। उन्होंने बताया कि नवोदय में पढ़ाई के समय शिक्षक पवनकुमार बेनीवाल ने उन्हें इस क्षेत्र में कॅरियर बनाने की सलाह दी।उनके आईपीएस मित्र जसप्रीत सिंह, लिंगराज सिदार, मनीष महापात्र ने मार्गदर्शन दिया। इसके अलावा पिता व व्याख्याता हरिकृष्ण पटेल का आशीर्वाद लगातार उनके साथ बना रहा।

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