आबकारी विभाग सहित पुलिस मार रही लगातार शराब बेचने वालों के घर छापे
सरपंच सहित पंचायत प्रतिनिधि नहीं है भट्टी खुलवाने के पक्ष में, इधर ग्राम विकास समिति चाह रही अवैध शराब बिक्री रोकने के लिए खुलना चाहिए सरकारी दुकान
बालोद । बालोद जिले के ग्राम जगन्नाथपुर में शराब दुकान खोलवाने को लेकर ग्रामीणों के बीच खींचतान जारी है तो वही अवैध शराब बिक्री भी यहां जमकर हो रही है। इन दोनों ही मुद्दों को लेकर विगत दिनों ग्राम सभा में जमकर हंगामा हुआ था। इसके बाद से पुलिस प्रशासन सहित आबकारी विभाग भी यहां के शराब कोचियों के घर लगातार छापे भी मार रही है और बड़ी कार्रवाई की तैयारी में जुटी हुई है। पंचायत प्रतिनिधियों की माने तो वे शराब दुकान खुलवाने के पक्ष में नहीं है। सरपंच, सचिव, उपसरपंच सभी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि हम शराब भट्टी खोलने की अनुमति नहीं देंगे तो दूसरी ओर ग्राम विकास समिति, पंचायत प्रशासन पर शराब की अवैध बिक्री बंद करवाने का पुरजोर दबाव बना रही है तो साथ ही बिक्री बंद ना हो पाने की स्थिति में भट्ठी खुलवाने के लिए भी प्रयास कर रही है। वहीं सरपंच देवकुंवर कोसिमा का कहना है कि अवैध शराब बिक्री को रोकने के लिए पूरे प्रयास जारी हैं। वरिष्ठ ग्रामीणों से मार्गदर्शन लेकर इस संबंध में गांव स्तर पर ही कड़ाई से नियम लागू करने की तैयारी भी कर रहे हैं। जिसमें अर्थ दंड के साथ-साथ गांव स्तर पर बहिष्कृत करने की योजना भी बनाई जा रही है। इसके पूर्व बैठक लेकर संबंधित अवैध शराब बेचने वालों को अंतिम समझाइश दी जाएगी। सरपंच देव कुंवर कोसिमा ने कहा कि हम गांव में शराब भट्टी खोले जाने को लेकर सहमत नहीं है। इसकी अनुमति नहीं दे सकते। इससे गांव का माहौल और खराब होगा। रही बात अवैध शराब बेचने वालों की तो उन पर भी पाबंदी लगाने के लिए हम पूरा प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि ग्रामीण भी खुलकर आगे आए और बेचने वालों की शिकायत करें। अवैध शराब बिक्री पर पाबंदी अकेले पंचायत प्रशासन के बस की बात नहीं है। इसमें सभी ग्रामीणों का सहयोग जरूरी है।
ग्राम सभा के बाद दो खेमे में बंट चुके हैं ग्रामीण
विगत दिनों हुई ग्राम सभा यहां हंगामेदार रही। इसके बाद से यह गांव दो खेमे में बंटे हुए नजर आ रहा है। कोई भट्टी खुलवाने के पक्ष में है तो कोई ना खुलवाने और अवैध शराब भी बंद करवाने के पक्ष में है। खासकर महिलाओं और युवाओं का मानना है कि भट्ठी खुली तो गांव का माहौल और खराब हो जाएगा। कुछ लोगों का कहना है गांव में अवैध शराब बिक्री कई साल से जारी है। गांव पहले से ही बिगड़ चुका है।
क्या कहना है ग्राम विकास समिति अध्यक्ष का
ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष और पूर्व जनपद सदस्य संतोष देशमुख का कहना है कि गांव में जो अवैध शराब बिक्री चल रही है उसे बंद करवाने के लिए हम कई प्रयास कर चुके हैं। कई बार एसपी और कलेक्टर तक गए हैं, आंदोलन तक हुआ है। कुछ दिन कार्रवाई होती है। बालोद पुलिस द्वारा गिरफ्तारी होती है। फिर 15 दिन बाद सेटिंग करके शराब कोचिए खुलेआम शराब बेचने लग जाते हैं। यही वर्षों से होता आ रहा है। पंचायत या ग्राम विकास समिति कितना भी कोशिश कर ले अवैध शराब बिक्री बंद नहीं हो सकती। अवैध शराब बेच कर तो कोचिए सरकार से ज्यादा पैसे कमा रहे है। 80 रुपए में मिलने वाले देसी पव्वा को 150 रुपए तो शुष्क दिवस के दिन 200 रुपए तक में बेचा जा रहा है। ऐसे में स्थिति दिन-बदिन बिगड़ती जा रही है। इससे अच्छा यही है कि पंचायत आबकारी विभाग के जरिए सरकार के नियमों के तहत शराब दुकान खुलवाने के लिए अनुमति दे ताकि इससे पंचायत को भी आमदनी हो और अवैध रूप से जो बिक्री हो रही है उस पर भी अंकुश लग पाए।
ग्राम सभा में ही आया था आवेदन
ग्राम सभा मेंआवेदन आया था कि या तो भट्ठी खुले या अवैध बिक्री बंद हो। उपसरपंच मनोज सुकतेल का कहना है कि पंचायत शराब भट्टी खोलने के लिए कोई अनुमति नहीं देगी। पर उनके सामने इस बात को लेकर चुनौती भी बनी है कि वे गांव में अवैध रूप से शराब बेचने वालों को कैसे रोकेंगे। कैसे उन पर पाबंदी लगाएंगे? खासकर महिलाएं इस मांग पर अड़ी हैं कि शराब भट्टी तो खुलवाना दूर की बात है, वह तो खुलना ही नहीं चाहिए, पर जो गांव में बेच रहे हैं वह पूरी तरह से बंद होना चाहिए। जरूरत पड़ी तो ऐसे शराब और गांजा बेचने वालों को गांव से बहिष्कृत किया जाए। लोगों ने ग्राम सभा में खुलकर कहा है कि 40 से 50 लोग ऐसे हैं जो अवैध शराब बिक्री में संलिप्त है। यह आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। नशाखोरी यहां जमकर हो रही है। छोटे-छोटे बच्चे और युवा भी नशे की चपेट में आ रहे हैं।
एकाएक नहीं दे सकते शराब भट्टी खोलने को लेकर सहमति, महिलाओं का पक्ष भी जानना जरूरी
पंचायत सचिव खिलेश सोनबोईर का कहना है फिलहाल शराब दुकान को लेकर हम कोई सहमति नहीं दे सकते। ग्रामीणों की ओर से जो आवेदन आया है उसमें भी अधिकतर पुरुषों का हस्ताक्षर है। तो वही ग्राम सभा के कार्यवाही विवरण में भी पुरुष लोगों का हस्ताक्षर ज्यादा है। उन्होंने इस संबंध में महिलाओं से राय लेने की बात कही। महिला वर्ग भी अगर सहमत होंगे तब जाकर आगे कुछ निर्णय लिया जाएगा। ग्राम सभा में महिलाएं शराब भट्टी खुलवाने का विरोध कर रही थी। इसलिए हमने इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया है। ग्राम विकास समिति द्वारा ग्राम सभा की कार्यवाही पंजी से संबंधित आरटीआई में जानकारी मांगी गई ।जिसमें उन्होंने लिख कर दिया है कि ग्राम सभा में 151 लोगों की उपस्थिति में 25 लोगों द्वारा भट्ठी खुलवाने के पक्ष में समर्थन किया गया है। जिनका हस्ताक्षर रजिस्टर में है।
