ब्रह्माकुमारीज की मुख्य प्रशासिका दादी रतनमोहिनी जी को दी गई श्रध्दांजलि



बालोद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय आत्मज्ञान भवन आमापारा बालोद में ब्रह्माकुमारीज की मुख्य प्रशासिका दादी रतनमोहिनी जी का श्रध्दांजलि कार्यक्रम किया गया। जिसमें उपस्थित नगर पालिका के उपाध्यक्ष कमलेश सोनी , रेडक्रास सोसायटी के अध्यक्ष एवं जिला पंचायत के उपाध्यक्ष तोमन साहू एवं वार्ड नं. 04 के पार्षद शेखर यादव व ब्रह्माकुमारीज की संचालिका बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी सहित सभी ब्रह्माकुमारी दीदीयों द्वारा व संस्था के भाई बहनों ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रध्दा सुमन अर्पित किये। इस अवसर पर दादी की डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। इस दौरान बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी ने कहा कि दादी जी का जीवन समस्त विश्व में नारी शक्ति के लिए प्रेरणा स्त्रोत थी दादी जी का जन्म 25 मार्च 1925 को एक प्रसिध्द व धार्मिक परिवार में हुआ था। दादी जी ने सदा आध्यात्मिक ज्ञान रत्नों से आत्माओं को सुसज्जित किया और उन्हें दिव्यता एवं सुसंस्कारों से भरपूर बनाया। टीचर्स ट्रेनिंग की मुख्य संचालिका के रूप में अपने यज्ञ में हजारों ब्रह्माकुमारी बहनों को शिक्षिका के रूप में तैयार किया। जो आज यज्ञ की अनमोल धरेाहर बनकर विश्वभर में सेवाएं दे रही है। साथ ही विदेश सेवा की शुरूआत में भी आप निमित्त बनीं, जिससे परमात्म ज्ञान की किरणें सात समंदर पार तक पहुंची। दादी जी राजयोग एजुकेशन और रिसर्च फाउंडेशन के युवा प्रभाग के अध्यक्ष थी। जैसे सूर्य की किरण धरती पर पड़ते ही अनगिनत जीवों में चेतना और जीवन का संचार करती है, ठीक उसी प्रकार परमात्म ज्ञान सूर्य की एक उज्जवल किरण बनी दादी रतन मोहिनी जी ने लाखों ब्रह्माकुमारी बहनों में चेतना की ज्योति जगाई और उनके जीवन को दिव्यता से संवारा। दादी जी की उम्र 101 साल की थी। उन्होंने 8 अप्रैल 2025 को अपना शरीर का त्याग किया। इस तरह दीदी ने कहा कि दादी जी ने जो कर्तव्य किए है उसे अपने जीवन में उतारे और उनकी दी गई शिक्षाओं को अपने जीवन में धारण करें वही उनके लिए सच्ची श्रध्दांजलि होगी।

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