विधानसभा में विधायक कुंवर सिंह निषाद ने वेटलिफ्टिंग का उठाया मुद्दा, मंत्री देने लगे केंद्र सरकार की योजनाओं पर जवाब, व्यायाम शाला को बजट में शामिल करने का मिला आश्वासन



वेटलिफ्टिंग खिलाड़ियों के लिए नहीं है कोई संसाधन, फिर भी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अर्जुंदा क्षेत्र के खिलाड़ी दिखा रहे प्रतिभा

केंद्र सरकार ने चुना है खेलो इंडिया केंद्र में वेट लिफ्टिंग के तहत बालोद जिले को, पर उसी खेल के खिलाड़ी है सुविधाओं के मोहताज

बालोद/ अर्जुंदा। बालोद जिले को केंद्र सरकार की योजना खेलो इंडिया के तहत वेट लिफ्टिंग यानी भारोत्तोलन के लिए भले ही चयनित किया गया है। लेकिन यह विडंबना की ही बात है कि वेट लिफ्टिंग से ही जुड़े ग्रामीण परिवेश के खिलाड़ियों के लिए यहां उचित संसाधन का अभाव है। हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान गुण्डरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और खेल मंत्री से प्रश्न किया कि वेटलिफ्टिंग सहित अन्य खेल से संबंधित खिलाड़ियों के प्रशिक्षण केंद्र व सुविधाओं के लिए राज्य शासन द्वारा क्या व्यवस्था की गई है, कितनी राशि खर्च की गई है। इस पर खेल मंत्री टंक राम वर्मा राज्य शासन के प्रयासों को बताने के बजाय केंद्र सरकार की खेलो इंडिया केंद्र का जिक्र करने लग गए और अलग-अलग जिले के साथ बालोद जिले में वेट लिफ्टिंग के लिए प्रशिक्षण केंद्र दल्ली राजहरा में संचालित होने की बात करने लगे। इस पर विधायक कुंवर सिंह निषाद ने पूरक प्रश्न के जरिए सवाल खड़ा किया कि जो मैं आपसे प्रश्न कर रहा हूं उस संदर्भ में क्या आपका जवाब/ उत्तर सही है? पुनः मंत्री अपनी उसी जवाब को दोहराते नजर आए। जिस पर विधायक कुंवर सिंह निषाद ने असंतुष्टि जाहिर की और अर्जुंदा क्षेत्र के 60 से ज्यादा बेटियों द्वारा वेटलिफ्टिंग क्षेत्र में आगे बढ़ने और उनकी खेल प्रतिभा का जिक्र करते हुए कहा कि कम से कम ऐसे खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य शासन प्रयास करें। तब अंततः खेल मंत्री टंक राम वर्मा ने विधानसभा सत्र के दौरान उत्तर में कहा कि छग क्रीडा प्रोत्साहन योजना के तहत हम इसके लिए व्यायाम शाला खुलवाने का प्रयास करेंगे और इस बजट में शामिल करेंगे।

खिलाड़ियों ने विधायक से मुलाकात कर जताया आभार

विधायक कुंवर सिंह निषाद द्वारा वेट लिफ्टिंग के खिलाड़ियों के हित में मुद्दा उठाए जाने पर अर्जुंदा क्षेत्र के खिलाड़ियों ने गृह नगर अर्जुंदा पहुंचकर विधायक कुंवर सिंह निषाद का आभार जताया । विधायक निषाद ने भी खिलाड़ियों को आश्वस्त किया कि अपनी ओर से वे शासन से सुविधा दिलाने का पूरा प्रयास करेंगे। ज्ञात हो कि अर्जुंदा में आसपास कई गांव के खिलाड़ी वेटलिफ्टिंग के अभ्यास के लिए आते हैं। लेकिन यह दुर्भाग्य ही कह सकते हैं कि यहां उनके लिए कोई संसाधन ही नहीं है। कोई निश्चित स्थान नहीं है ना कोई भवन है।

पूर्व में अर्जुंदा के एक स्कूल के भवन को इन्हें आपसी सहमति से सामग्री आदि रखने और अभ्यास के लिए दिया गया था। लेकिन अब उसे भी खाली करवा दिया गया है ऐसे में खुले मैदान में वेट लिफ्टिंग के खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। जिसमें उन्हें कई तरह की परेशानी होती है। इन खिलाड़ियों में कई ऐसे बच्चे और युवा भी हैं जो जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक भी अपना नाम रोशन कर चुके हैं और कई पदक जीत चुके हैं।

सरकार से बंधी आस, बजट में सुविधा मिलने की उम्मीद

प्रशिक्षक प्रकाश देशमुख ने कहा कि गुण्डरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद द्वारा वेटलिफ्टिंग सहित खेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर खासकर व्यायाम शाला की स्वीकृति देने की मांग अर्जुंदा के लिए की गई है। जिससे अगर शासन स्वीकृत करते हैं और बजट में शामिल कर इसकी सौगात देते हैं तो हमें काफी लाभ होगा। क्षेत्र के खिलाड़ियों का इससे हौसला बढ़ेगा और अभ्यास के लिए एक निश्चित स्थान और भवन प्राप्त होगा । ताकि हमें किसी पेड़ की छांव में या खुले मैदान में भवन की सुविधाओं के अपने अभाव के बीच अभ्यास न करना पड़े। इससे खिलाड़ियों का मनोबल टूटता है। सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार खिलाड़ियों के उत्थान के लिए सार्थक प्रयास करेगी और आने वाले बजट में व्यायाम शाला के जरिए वेटलिफ्टिंग खेलों के अभ्यास के लिए एक निश्चित स्थान हमें प्राप्त होगा। तो वही विधायक कुंवर सिंह निषाद द्वारा किए गए इस प्रयास के लिए सभी खिलाड़ियों ने उनका आभार जताया।

वहीं कोच प्रकाश देशमुख ने बताया कि हाल ही में अंडर 17, 68वीं स्कूल गेम जो मणिपुर के इंफाल में 7 अप्रैल को होना है, उसके लिए हमारे ही ग्रुप के एक बालक का चयन हुआ है। जो पर हमारे पास कोई स्थाई जगह नहीं होने के कारण हम अपना बेस्ट प्रदर्शन नहीं दे पा रहे हैं। तैयारी में इससे बाधा आ रही है।

विधानसभा में इस तरह से पूछा था कुंवर सिंह निषाद ने सवाल

ज्ञात हो कि विधायक कुंवर सिंह निषाद द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान यह सवाल उठाया था की खेल मंत्री यह बताएं कि दुर्ग संभाग में खिलाड़ियों को बेहतर खेल प्रशिक्षण, शिक्षा व पोषण मिले, इसके लिए खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा दुर्ग संभाग के अंतर्गत खेल प्रशिक्षण संस्थान संचालित किया जा रहे हैं या नहीं? क्या दुर्ग संभाग द्वारा जिला प्रशिक्षण संस्थान संचालित है, यदि हां तो कहां-कहां हैं यह जानकारी दें।

उनके इस प्रश्न पर जवाब देते हुए खेल मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि दुर्ग संभाग के खिलाड़ियों को बेहतर खेल प्रशिक्षण हेतु जिला दुर्ग में कबड्डी, जिला बालोद में वेटलिफ्टिंग, बेमेतरा में कबड्डी, कबीरधाम में कबड्डी, राजनांदगांव में हॉकी खेल के लिए कुल पांच खेलो इंडिया केंद्र संचालित है। छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 31 जिलों में खेलो इंडिया के तहत प्रशिक्षण संस्थान चल रहे हैं ।दो नए जिले में मानपुर मोहला अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़ छुईखदान गंडई में भी खेलो इंडिया लघु केंद्र खोले जाने प्रस्तावित है। जिनकी स्वीकृति मिल गई है। बालोद में भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा वेट लिफ्टिंग का एक खेलो इंडिया लघु केंद्र है जिसका संचालन विभाग के द्वारा किया जा रहा है। बालोद का यह लघु केंद्र यह राजहरा में संचालित है। यहां 11 बालिका, 21 बालक कुल 32 खिलाड़ी प्रशिक्षणरत है। साथ ही एक प्रशिक्षक भी नियुक्त है। जिसका मानदेय विभाग के द्वारा 25000 रुपए दिया जाता है। मंत्री के जवाब पर पुनः श्री निषाद ने कहा कि दुर्ग संभाग में पांच खेलो इंडिया केंद्र संचालित है। उन्होंने मंत्री से पूछा कि क्या आपका यह उत्तर सही है। इस पर गृह मंत्री अपने जवाब को दोहराते हुए कहने लगे कि सभी जिलों में एक-एक खेलों इंडिया केंद्र का चयन किया जाता है। दुर्ग संभाग में बालोद से वेटलिफ्टिंग का चयन हुआ है। उन्होंने 5 जिलों का दोबारा जिक्र किया। इस पर विधायक कुंवर से निषाद ने कहा कि क्या मेरा जो प्रश्न था उस पर क्या यह उत्तर सही है । उन्होंने कहा कि यह केंद्र आवासीय नहीं है। उन्होंने सदन के माध्यम से बताएं कि मेरे प्रश्न क्रमांक 274 का जो उत्तर दिया है वह गलत है। मैंने मंत्री से पूछा है प्रशिक्षण संस्थान के बारे में लेकिन जवाब आ रहा है खेलो इंडिया केंद्र के बारे में। उन्होंने स्पष्ट किया कि खेलो इंडिया केंद्र खेल विभाग की योजना नहीं बल्कि यह भारत सरकार द्वारा संचालित योजना है। जिसके क्रियान्वयन का काम भले ही छत्तीसगढ़ सरकार के माध्यम से हो रहा है। लेकिन मैं यहां देख रहा हूं कि छत्तीसगढ़ में बच्चों को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वह नहीं मिल रही है। सदन में संबंधित विभाग के जरिए मंत्री द्वारा गलत जानकारी दी जा रही है। क्या ऐसे गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी? इस पर मंत्री ने कहा की प्रशिक्षण संस्थान खेलो इंडिया के तहत ही संचालित हो रहे हैं। जो भारत सरकार की योजना है। जो छत्तीसगढ़ के 31 जिलों में चल रहा है। दो जिलों के लिए और स्वीकृति मिली है। जहां अप्रैल 2025 से केंद्र चालू हो जाएगा
इस पर विधायक कुंवर सिंह ने पुनः कहा कि यह केंद्र राज्य के खेल विभाग द्वारा नहीं बल्कि मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र सरकार के निर्देश पर संचालित है। अधिकारी आपको गलत जानकारी दिए हैं। मैं यही जानना चाहता हूं कि क्या उन्हें पूरी जानकारी पता नहीं है। इस पर मंत्री कुछ देर के लिए निरुत्तर की स्थिति में थे। फिर उन्होंने अपने जवाब को दोहरा दिया। कहा कि खेलो इंडिया के तहत सालाना केंद्र से 5 लाख रुपए राशि आता है। जिसमें 2 लाख रुपए संधारण, बच्चों के प्रवेश के लिए और 3 लाख प्रशिक्षक के लिए आता है। उस पर कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि मंत्री का जवाब मेरे प्रश्नों के संबंध में स्पष्ट नहीं है और जवाब से संतुष्ट नहीं हूं।

उन्होंने कहा दुर्ग संभाग के तहत ऐसा कोई सेंटर नहीं है जहां खिलाड़ियों को प्रोत्साहन किया जा रहा है ना कोई सुविधा है। उन्होंने पिछले 11 सितंबर 2024 को एक पत्र दिए थे कि मेरे विधानसभा क्षेत्र के राष्ट्रीय प्रतियोगिता जाने के लिए खिलाड़ी ने सहायता राशि की मांग की थी। राशि तो दूर उनके इस पत्र का कोई रिमाइंडर तक नहीं आया। यह गंभीरता नहीं दिखता है। बच्चों और खेल के प्रति बड़ी-बड़ी बातें हो रही है। लेकिन संजीदगी नजर नहीं आ रही है। ग्रामीण क्षेत्र की बच्चे की बात करूं तो मेरे ही अर्जुंदा क्षेत्र में लगभग 64 बच्चे हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर खेलने गई। मैंने स्वयं उन्हें सहयोग किया तो राष्ट्रीय तक गई। लेकिन आगे पैसे के अभाव में अंतरराष्ट्रीय तक नहीं पहुंच पाई। उन्होंने मांग किया कि ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करें। मंत्री ने जवाब दिया कि जो बच्चे बाहर जाते हैं उन्हें हम अनुदान देते हैं। विधायक ने कहा कि मैंने एक सूची दिया है और यह नौवें महीने का है। लेकिन आज से इसमें कोई जवाब नहीं आया।

खेल मंत्री ने कहा: कबड्डी के लिए देंगे मेट, अर्जुंदा में व्यायाम शाला पर करेंगे बजट पर विचार

कुंवर निषाद ने सदन में कबड्डी की बात भी रखी, कहा कि बालोद जिला खेल के लिए प्रसिद्ध रहा है। कबड्डी के वहां राष्ट्रीय खिलाड़ी भी है। मैंने मांग की थी कि कबड्डी के लिए मेट उपलब्ध कराया जाए। मंत्री ने मेट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस पर अन्य विधायक भी कहने लगे कि पूरे प्रदेश में उपलब्ध कराया जाए। कुंवर निषाद ने कहा कि दिशा की बैठक में भी कलेक्टर को मैने व्यायाम शाला का मांग किया था। मेरे विधानसभा के अंतर्गत 64 बालिकाएं हैं जिनके प्रशिक्षण के लिए उचित जगह नहीं है। व्यायाम शाला अर्जुंदा की स्वीकृति मिल जाए तो खुले तौर पर प्रशिक्षण देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक व्यायाम शाला की वहां काफी जरूरत है। इस पर खेल मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में क्रीडा प्रोत्साहन योजना चल रही है। बजट में इस पर विचार करके व्यायाम शाला प्रदान करेंगे। इस तरह सदन के दौरान मंत्री के अंत में आए आश्वासन से खिलाड़ियों में एक उम्मीद जगी है कि जल्द अर्जुंदा में व्यायाम शाला की सौगात मिलेगी। लेकिन असल में क्या होगा यह बजट आने पर ही पता चल पाएगा।

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