बालोद। किरण कुमार जांगड़े, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी देवधर निषाद पिता फकीर निषाद, उम्र 35 वर्ष, निवासी देवीनवागांव थाना व जिला-बालोद (छ.ग.) को धारा-302 भा.दं.सं. के अपराध में आजीवन कारावास 1,000/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अभियोजन की ओर से प्रकरण की पैरवी सनद कुमार श्रीवास्तव, अतिरिक्त लोक अभियोजक के द्वारा किया गया। जिसके अनुसार दिनांक 11 जुलाई 2023 को प्रार्थी देवप्रसाद निषाद ने रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसकी छोटी बहन झमित निषाद का विवाह 10 वर्ष पूर्व ग्राम देवीनवागांव के देवधर निषाद के साथ सामाजिक रीति-रिवाज के साथ हुआ था। शादी के बाद उसकी बहन अपने ससुराल में पति के साथ सकुशल रह रही थी। जिससे उसका 9 वर्ष का और 5 वर्ष के दो लड़के है। दो वर्ष पूर्व से उसका दामाद देवधर निषाद अपनी पत्नी झमित निषाद के चरित्र को लेकर झगड़ा, मारपीट कर रहा था, जिसके संबंध में सामाजिक लोगों की मीटिंग रखा था। तब मीटिंग में दोनों को समझाइश दिये थे तथा 15 दिन पूर्व भी ग्राम देवीनवागांव में मीटिंग रखे थे। जहां समाज के लोगों के समझाने पर उसकी बहन अपने ससुराल में जाकर आरोपी के साथ रह रही थी। तब दिनांक 11 जुलाई 2023 को आरोपी ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। जिसकी लाश छत के ऊपर कमरे में चित्त हालत में पड़ी हुई थी, गले में रस्सी कसने का 3-4 जगह काला लाईनिंग चोंट का निशान दिख रहा था। आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक-308/2023 अंतर्गत धारा-302 भा.दं.वि. के अंतर्गत अभियोग पत्र मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बालोद, जिला-बालोद (छ.ग.) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में परिस्थिति जन्य साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण की विवेचना स.उ.नि-कांताराम घिलेन्द्र व स.उ.नि.देवनाथ ठाकुर के द्वारा किया गया।
रस्सी से घोटा था गला:पत्नी की चरित्र पर शंका कर हत्या करने पर पति को मिला आजीवन कारावास
