बालोद। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम वार्ड 26 दल्ली राजहरा में किया गया। हर साल फाइलेरिया प्रभावित क्षेत्र में एमडीए कार्यक्रम के द्वारा फाइलेरिया का रोकथाम की जाती है। फाइलेरिया मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है। जिसे सामान्यतः हाथी पांव के नाम से जाना जाता है। यह कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग के संजय यादव मितानिन ललिता साहू , आंगन बाड़ी कार्यकर्ता पूर्णिमा वासिनी व सरस्वती ठाकुर,समस्त वार्ड की महिलाओं व बच्चों के सामने कराया गया।

बच्चों को टी ज्योति पार्षद द्वारा फाइलेरिया व कृमि का दवाई खिलाया गया। टी ज्योति पार्षद द्वारा कहा गया कि फाइलेरिया मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है इसलिए वार्ड वासियों से निवेदन किया है कि अपने आसपास साफ सफाई में ध्यान दें। क्योंकि रुके हुए पानी में यह मच्छर पनपते हैं और संक्रमित व्यक्ति को काटकर मच्छर संक्रमित हो जाते हैं। संक्रमित व्यक्तियों को हाथी पांव व हाइड्रोसील का खतरा रहता है। वह संक्रमित मच्छर स्वस्थ व्यक्ति को काटकर संक्रमित कर देते हैं। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एमडीए की दवा सरकार द्वारा साल में एक बार घर-घर मुफ्त दी जाती है। प्रभावित क्षेत्रों में दवा देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के सामने सभी दवा खाना जरूरी है। किसी को भी परेशानी की अवस्था में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर संपर्क कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग संजय यादव द्वारा कहा गया कि 2 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोग से पीड़ित व्यक्तियों को यह दवाई नहीं खानी चाहिए। मितानिन को घर-घर में भेजा जाएगा तो यह दवाई को सभी को अनिवार्य रूप से खाना है। ताकि हम फाइलेरिया को जड़ से खत्म कर सके।
