बालोद। हाल ही में रामचरण अभिनीत साउथ की फिल्म आई है “गेम चेंजर” जो की लोकतंत्र और चुनाव की थीम पर आधारित है। इस फिल्म का मुख्य पहलू सही नेता चुनने और भ्रष्ट को पहचानने को लेकर था। तो साथ ही राजनीति में होने वाली अफसरों और नेताओं के बीच होने वाले टकराव को भी काफी करीब से दिखाया गया। इस फिल्म के दौरान एक पार्टी द्वारा स्टांप पेपर में लिखकर अपनी घोषणाएं की गई थी जिस पर जनता ने भरोसा करके उसी पार्टी के विधायकों को जिताया और अंततः अभिनेता रामचरण फिल्म के अंत में राज्य के मुख्यमंत्री भी बनाए जाते हैं। स्टांप पेपर की बातें हम अक्सर सुनते हैं कि अगर कोई बातों पर भरोसा ना करें तो स्टांप पेपर में लिखकर देने से भरोसा बढ़ता है। ऐसा ही एक भरोसा जीतने का प्रयास “घोषणा” नहीं बल्कि “वचन पत्र” के साथ बालोद के वार्ड 12 गंजपारा में पार्षद चुनाव के प्रत्याशी सुमित शर्मा ने चुनाव मैदान में उतरने के साथ जारी किया था। उनका यह वचन पत्र वास्तव में गेम चेंजर साबित हुआ। जिस पर जनता ने भरोसा किया और वे बालोद नगर पालिका के 20 वार्डों में सबसे कम उम्र (30 वर्ष)के पार्षद बनने में कामयाब रहे। कांग्रेस समर्थित सुमित शर्मा को इस जीत पर विधायक संगीता सिन्हा सहित सभी दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुंह मीठा कराकर फूल माला पहनाकर उनका स्वागत अभिनंदन किया। तो वही अपने 12 वचन पत्र और वह भी स्टांप पेपर में लिखकर दिए जाने से वे लगातार चुनाव प्रचार के दौरान भी सुर्खियों में रहे। इस वचन पत्र की प्रतिलिपि के साथ वे घर-घर तक पहुंचे और अपने वचन के बारे में बताएं। जिस पर जनता ने भरोसा किया । उनके वार्ड में त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति थी। भाजपा से जहां छवि सार्वा जो पूर्व पार्षद रह चुकी हैं, एक महिला भी टक्कर दे रही थी तो कांग्रेस पार्टी से ही बगावत कर जितेंद्र पांडेय भी मैदान में उतरे थे। इसके बावजूद विपरीत हालातो का सामना करते हुए सुमित शर्मा ने जनता का भरोसा जीत कर अपने 12 वचन पत्रों को एक-एक करके पूरा करने में जुट गए हैं। उनका मानना है कि वह 12 वचन पत्र ऐसे हैं जो सिर्फ पार्षद निधि से पूरे नहीं हो सकते। इसलिए वे अपनी कमाई का कुछ हिस्सा उन 12 वचनों को पूरा करने में भी लगाएंगे। पार्षद निधि से वार्ड में सीमित विकास हो सकते हैं यह उनका मानना है। इसलिए वे अपने वार्ड के सर्वांगीण विकास के साथ साथ नगर में एक आदर्श प्रस्तुत करने के लिए भी काम करना चाहते हैं।
त्रिकोणी मुकाबले के बावजूद बने विजेता
भाजपा समर्थित छवि सहित निर्दलीय जितेंद्र पाण्डेय भी वार्ड क्रमांक 12 के लिए पार्षद चुनाव में इस मैदान पर थे। कांग्रेस से बागी होकर जितेंद्र पांडे निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे। इस चुनाव में सुमित शर्मा ने त्रिकोणीय मुकाबले के बावजूद विजय हासिल करते हुए सबसे ज्यादा 367 मत हासिल किए। तो वहीं दूसरे स्थान पर निर्दलीय प्रत्याशी जितेंद्र पांडे को 283 मत मिले। छवि तीसरे स्थान पर रही, जिन्हें 254 मत मिले। उपरोक्त में से कोई नहीं यानि नोटा के लिए पांच लोगों ने मतदान किया था। इस तरह सुमित शर्मा वार्ड 12 गंजपारा बालोद के पार्षद निर्वाचित हुए।
वार्ड 12 से चुनाव लड़ने के लिए 12 बिंदुओं पर सुमित शर्मा ने दिया था स्टांप पेपर में लिखकर 12 वचन पत्र
इस नगर पालिका के चुनाव मैदान में उतरने से पूर्व स्टांप पेपर पर लिखित रूप से वार्ड 12 के लिए 12 वचन पत्र प्रत्याशी सुमित शर्मा द्वारा नोटरी करवा कर जारी किया गया था। जिसकी प्रतिलिपि उन्होंने वार्ड में भी बटवाई थी। इन 12 बिंदुओं पर उन्होंने विशेष तरह के वादे किए थे। जिन पर अब वे पूरे 5 साल के दौरान अमल करेंगे।
क्या हैं वे 12 वचन पत्र
युवा पार्षद सुमित शर्मा ने अपने वचन पत्र में कहा है कि वार्ड में बहन बेटी की शादी पर 2100 रुपए का कन्या विवाह में योगदान दिया जाएगा। वार्ड क्रमांक 12 में बेटी के जन्मदिन पर 1100 रुपए कन्या सुरक्षा कन्या शिक्षा के तहत नगद राशि दी जाएगी। साथ ही वार्ड में गणेश समिति, दुर्गा समिति को 5100 सहयोग राशि दिया जाएगा। वार्ड के प्रमुख मार्ग एवं चौक चौराहा में सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा ताकि वार्ड नंबर 12 पूर्ण रूप से सुरक्षित रहे। वार्ड में पूर्ण रूप से रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था एलइडी लाइट के माध्यम से की जाएगी । गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के किसी भी व्यक्ति का निधन या इंतकाल होने पर उनके परिवार को तत्काल 2100 रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। आकस्मिक चिकित्सा हेतु वार्ड में एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बिजली पानी , साफ-सफाई वार्ड को स्वच्छ बनाने की पहली प्राथमिकता होगी। वार्ड में जल आपूर्ति के लिए स्थल चयन कर बोर खुदाई की व्यवस्था के साथ सिंटेक्स की टंकी लगाकर शुद्ध पेयजल प्रदान किया जाएगा। वार्ड की गलियों को क्रांकिटीकरण एवं गंदे पानी की निकासी हेतु नाली का निर्माण कराया जाएगा। वार्ड क्रमांक 12 में हर एक सरकारी योजनाओं का लाभ हर वार्डवासी को मिलेगी उनकी प्राथमिकता रहेगी। वार्ड में सामूहिक महिला भवन एवं बच्चों के लिए बाल उद्यान का निर्माण कराया जाएगा। वार्ड नंबर 12 के लिए उक्त 12 वचन देते हुए सुमित शर्मा ने कहा है कि वार्ड वासियों में मेरा हर संभव प्रयास होगा कि वार्ड की उन्नति और प्रगति पर 5 वर्ष के कार्यकाल में कोई बाधा ना रहे और सारी घोषणाओं को पूरा करूं। उपरोक्त घोषणाओं को मेरे पार्षद बनने पर मेरा वचन पत्र समझे। इन्हें आवश्यक रूप से पूरा करने का मैं आप सभी वार्ड वासियों से वादा करता हूं। आप मुझ पर विश्वास कर अपना स्नेह, प्यार, दुलार, आशीर्वाद देकर मुझे प्रचंड बहुमत से विजयी बनाएं। मैं पार्षद नहीं आपका बेटा बनकर आप सभी की सेवा करने के तत्पर हूं। इन पंक्तियों के साथ उन्होंने अपना वचन पत्र जारी किया था। जिस पर जनता ने भरोसा करके उन्हें पार्षद बनाया है।
एनएसयूआई से शुरू किए थे छात्र जीवन की राजनीति, 60 हजार की नौकरी छोड़कर आ गए जन सेवा के लिए
गंजपारा वार्ड क्रमांक 12 में चुनाव जीतने वाले सुमित शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने महाविद्यालय पढ़ाई के दौरान एन एस यू आई चुनाव से राजनीति के जीवन कदम रखा। वे एन एसयूआई से जुड़े थे और चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। उन्हें चुनाव में आनंद आता था। उस समय से छात्र राजनीति में आए थे। बीच में कुछ ऐसी स्थिति बनी कि उन्हें बाहर काम करने के लिए जाना पड़ा। उन्होंने 4000 वेतन से काम शुरू किया था फिर 2022 में उन्होंने काम छोड़ा तो उस समय उनकी वेतन 60 हजार तक हो चुकी थी। इसके बाद वे बालोद आ गए और अपने वार्ड की समस्याओं पर नजर रखते थे। तब उन्हें विचार आया है कि नगर और वार्ड के लिए कुछ करते हैं । जब नगरीय निकाय चुनाव आया तो उन्होंने पार्षद प्रत्याशी के लिए दावेदारी की। कांग्रेस पार्टी ने मुझे मौका दिया । इसके लिए उन्होंने पार्टी को धन्यवाद दिया। वार्ड 12 की जनता से उन्होंने वादा किया था कि अगर उन्हें काम करने का मौका मिलता है पार्षद बनकर आते हैं तो उनका 5 साल हर दिन हर एक मिनट नागरिकों के लिए होगा। कोई भी वार्ड की समस्या आती है तो उनकी कोशिश रहेगी कि वे स्वयं खड़े होकर समस्या सुलझाएं और जहां पर भी काम नजर आएगा, जहां, स्वच्छता, साफ सफाई की समस्या है यह सभी मूलभूत समस्याओं को सुलझाने और सरकारी सुविधाओं को उपलब्ध कराने का वे प्रयास करेंगे। हर नागरिक को योजनाओं का फायदा मिले यह उनकी कोशिश रहेगी। उन्होंने स्टांप पेपर में भी अपने घोषणाओं को लिखकर दिया था । उन्होंने कहा कि ऐसा करने का उद्देश्य यह था कि लोग चुनाव में उतरते हैं तो वादे तो बहुत करते हैं लेकिन जीत जाने के बाद उन्हें पूरे नहीं करते। इससे जनता खुद को ठगा महसूस करती है। इसलिए उन्होंने जनता का विश्वास जीतने के लिए अपनी घोषणाओं को स्टांप पेपर में लिखकर वितरण करवाया था। इसे उन्होंने वचन पत्र नाम दिया था। ₹50 के स्टांप पेपर पर उन्होंने वचन पत्र में घोषणा किया था और इसकी नोटरी भी कराए थे। उन्होंने वचन पत्र में 12 वचन डाले थे और 5 साल में उन्हें पूरे करेंगे। एक-एक चीज का फायदा प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने का प्रयास वे करेंगे। 12 वचनों की बात करें तो सबसे महत्वपूर्ण वचन आकस्मिक चिकित्सा की सुविधा देंगे। वार्ड में एंबुलेंस की सेवा देंगे। किसी को भी जरूरत पड़ती है तो वे इसकी सुविधा देंगे। उन्होंने अपने वार्ड की समस्याओं को लेकर कहा कि मैंने बहुत सारे वार्ड देखे हैं जहां नालियों की साफ-सफाई ठीक से नहीं होती,कचरा पड़ा रहता है, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कुछ वार्डों में ही है। कई वार्ड में बच्चे अंधेरे में खेलते रहते हैं उन्हें जीव जंतुओं का डर बना रहता है। इन प्रमुख समस्याओं को उन्हें निराकरण करना उनका उद्देश्य रहा। त्रिकोणीय समीकरण के बावजूद उन्होंने चुनावी मैदान में बाजी मारी है। कांग्रेस से बगावत कर जितेंद्र भी मैदान में थे। जनता ने सुमित पर भरोसा जताया। जनता का प्यार और मत मिला और विजय हासिल किए। उन्होंने कहा कि मुझे कांग्रेस ने पार्षद प्रत्याशी बनाया था और जनता का जो प्यार मुझे बहुत मिला। प्रत्येक घर जाकर मैंने उनकी समस्या सुनी और उनके निराकरण का आश्वासन मैंने दिया । मैंने ब्राह्मण होने के नाते जनता से मतदान का दान मांगा था और वार्ड वासियों ने मतदान किया। हर सुख दुख में उन्होंने कंधे से कंधा मिलाकर चलने की बात कही ।
अपनी कमाई के कुछ हिस्से से करेंगे 12 वचनों को पूरा
सुमित का मानना है कि पार्षद निधि से वार्ड में सीमित विकास हो पाते हैं । उन्होंने कहा कि अभी पार्षद बन चुके हैं तो अपने वचन को पूरा करने के लिए उन्हें अधिक फंड की जरूरत पड़ेगी। अपनी निजी कमाई कैटरिंग से उन्होंने कुछ हिस्सा समाज सेवा में लगाने की बात कही है और वचन पत्र को पूरा करने का प्रयास करें। सिर्फ पार्षद निधि के भरोसे वे नहीं रहेंगे। पार्षद निधि का उपयोग वार्ड के विकास के लिए तो करेंगे ही, वचन पत्र उनका स्वयं का है जिसे वे अपने निजी व्यवसाय से होने वाले आमदनी से कुछ हिस्सा निकालकर करेंगे।
