बालोद जिले की 8 में से 7 निकायों में ट्रिपल इंजन की सरकार बनाने में कामयाब हुई भाजपा, तो अर्जुंदा में भाजपा से ही बागी होकर चुनाव लड़ने वाले प्रणेश जैन ने लहराया जीत का परचम, कांग्रेस समर्थित सभी अध्यक्ष प्रत्याशी हारे!



दीपक यादव,बालोद। बालोद जिले के नगरीय निकाय में हुए चुनाव से छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार और केंद्र में काबिज मोदी सरकार के साथ अब सात नगरीय निकाय में ट्रिपल इंजन की सरकार बनाने में भाजपा को सफलता मिली है। सिर्फ नगर पंचायत अर्जुंदा में निर्दलीय प्रत्याशी प्रणेश जैन ने जीत हासिल की है । जो कि भाजपा से ही बागी होकर चुनाव लड़े थे। तो वही हैरान करने वाली स्थिति रही कि जहां वर्षों से कांग्रेस के प्रत्याशी नगरीय निकाय के चुनाव में जीतते आए थे वहां कई जगह पर इस बार हार का मुंह देखना पड़ा। किसी भी नगरीय निकाय में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी अध्यक्ष का चुनाव नहीं जीत पाए।

सबसे बड़ी जीत और फेरबदल की बात करें तो अर्जुंदा नगर पंचायत में प्रणेश जैन की जीत चौंकाने वाली रही। जहां शुरूआती रुझान में इसी नगर पंचायत क्षेत्र में निर्दलीय प्रत्याशी रोमन सोनकर आगे चल रहे थे। जो कुछ चरणों के बाद प्रणेश जैन फिर जीत का परचम लहराते नजर आए अंतिम परिणाम आते तक कांग्रेस प्रत्याशी सुषमा चंद्राकर तीसरे स्थान पर और दूसरे स्थान पर निर्दलीय रोमन सोनकर तो चौथे स्थान पर भाजपा के प्रत्याशी सोभान यादव रहे । ऐसे में प्रणेश जैन की जीत बालोद जिले में काफी मायने रख रही है। एक समय अर्जुंदा भाजपा मंडल के अध्यक्ष रह चुके प्रणेश जैन चुनाव में निर्दलीय लड़ने का मन बनाकर जनता की इच्छा और समर्थन के साथ उतरे थे । तो साथ ही अपने समर्थन में 14 वार्डों में पार्षद प्रत्याशी भी उतारे थे। उनका आरोप था कि भाजपा लगातार उनके साथ अन्याय कर रही थी । जब 2014 में भी चुनाव होना था तो उस समय भी भाजपा से उनकी टिकट फाइनल हुई थी। लेकिन पार्टी के कुछ लोगों द्वारा उनका टिकट काट कर कांग्रेस से आए हरीश चंद्राकर को टिकट दे दिया गया था। उस समय उन्होंने पार्टी के निर्णय को स्वीकार कर पार्टी के प्रति निष्ठा बनाए रखी। लेकिन इसके बाद भी उनकी लगातार उपेक्षा हो रही थी। इस बार भी चुनाव में उनका टिकट मिलना लगभग तय माना जा रहा था। लेकिन ऐन वक्त में जब भाजपा की लिस्ट जारी हुई तो नाम दूसरे का देखकर वे निराश हो गए और फिर उन्होंने जनता की इच्छा के अनुरूप निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया और भाजपा से बगावत कर जीत हासिल करने में कामयाब हो गए।

दिग्गज कांग्रेस नेता अनिल जैन को युवा नेता युवराज लाल निवेंद्र सिंह टेकाम ने हराया

वहीं दूसरी बड़ी जीत की बात करें तो डौंडीलोहारा नगर पंचायत का परिणाम भी चौंकाने वाली रही है जहां पर डौंडीलोहारा युवराज लाल निवेंद्र सिंह टेकाम एक युवा प्रत्याशी ने एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता अध्यक्ष प्रत्याशी अनिल जैन को शिकस्त दे दी। लोगों के बीच यहां हो रही चुनाव भी चर्चा का विषय थी कि नए प्रत्याशी, नया चेहरा और युवा लाल निवेंद्र सिंह टेकाम क्या टक्कर दे पाएंगे? लेकिन मतदाताओं की चाहत ही शायद कुछ और थी और उसी का नतीजा रहा कि नगर के लाडले लाल निवेंद्र सिंह टेकाम को जनता ने वहां का अध्यक्ष बना दिया। ज्ञात हो कि लाल निवेंद्र सिंह टेकाम डौंडीलोहारा के राजा पूर्व विधायक स्व. लाल महेंद्र सिंह टेकाम और पूर्व विधायक स्व नीलिमा सिंह टेकाम के सुपुत्र हैं। नगर के युवराज को नगर वासियों ने मतदान के जरिए अब नगर पंचायत की कुर्सी पर बिठा दिया है। डौंडीलोहारा नगर पंचायत चुनाव रोचक बात यह भी थी कि पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रह चुके प्रेमचंद भंसाली भी निर्दलीय अपना भाग्य आजमा रहे थे। कुल वोटो की गिनती देखें तो विजेता लाल निवेंद्र सिंह टेकाम को 2731 मत, निर्दलीय प्रत्याशी प्रेम भंसाली को 653 मत और कांग्रेस के प्रत्याशी अनिल जैन को 639 मत मिले। यानी कांग्रेस प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे। इस तरह यहां त्रिकोणीय मुकाबले के बीच लाल निवेंद्र सिंह ने बड़ी जीत दर्ज की।

बालोद और दल्लीराजहरा में भी हो गया तख्ता पलट

दल्लीराजहरा नगर पालिका में भी इस बार तख्ता पलट हो गया है । जहां पिछले बार यहां कांग्रेस का कब्जा था तो इस बार भाजपा से तोरण साहू ने बाजी मार ली है। तो वही सबसे बड़ी जीत की बात करें तो नगर पालिका बालोद में भी चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। जहां 10 सालों से कांग्रेस का दबदबा बना हुआ था। लगातार विकास चोपड़ा दो बार यहां के अध्यक्ष रह चुके थे।

वहां प्रतिभा चौधरी ने भाजपा से चुनाव लड़ते हुए जीत दर्ज की है। पद्मिनी साहू जिन्हें कांग्रेस से प्रत्याशी बनाया गया था और जो दो बार पार्षद रह चुकी थी उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।

गुरुर में भी जो कांग्रेस का गढ़ माना जाता था लगातार विधानसभा चुनाव में यहां क्षेत्र से कांग्रेस विधायक सहित नगर पंचायत में भी अध्यक्ष का चुनाव जीतते थे। वहां पर नए चेहरे प्रदीप साहू पर भाजपा ने दाव खेला था और इस दाव में वे कामयाब रहे। यहां भी भाजपा ने जीत दर्ज की।

इसी तरह चिखलाकसा में कुंती देवांगन, डौंडी में मोहनतीन चौरका तो गुण्डरदेही में प्रमोद जैन, उक्त सभी भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने जीत हासिल कर बालोद जिले के सात नगरीय निकाय में ट्रिपल इंजन की सरकार बनाने सफलता हासिल की।

वहीं बालोद नगर पालिका में ही एक ऐसे पार्षद कमलेश सोनी भी है, जो लगातार पांचवीं बार पार्षद बनने में कामयाब रहे। इस तरह अब अंतिम परिणाम आ जाने के बाद से विजयी प्रत्याशी और उनके समर्थक जश्न मनाने में जुटे हुए हैं। तो वहीं कांग्रेस अपनी हार की समीक्षा कर रही है कि आखिर एकाएक सभी सीटों पर क्यों उनके अध्यक्षों की हार हो गई?

संबंधित खबर

You cannot copy content of this page