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इंस्टाग्राम से हुई दोस्ती, प्यार का इजहार कर मिलने भिलाई बुलाया, फिर महाराष्ट्र ले जाकर किया नाबालिग से दुष्कर्म, मिला 20 वर्ष का कारावास

बालोद। कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी विवेक अरूण नेवलकर पिता अरूण नेवलकर, उम्र-35 वर्ष, निवासी-नंदनवन दर्शन कॉलानी, केडीके कॉलेज नागपुर, थाना-नंदनवन, जिला-नागपुर (महाराष्ट्र) को अंतर्गत भारतीय दण्ड संहिता की धारा 363 के आरोप में पांच वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड, भा.द.वि. की धारा 366 के आरोप में सात वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड लैंगिक अपराध की धारा 6 के आरोप में बीस वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। व्यतिक्रम पर छः-छः-छः माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किया गया। प्रकरण का संक्षिप्त विवरण बसंत कुमार देशमुख, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार-दिनांक 04-04-2023 को प्रार्थिया / पीड़िता के पिता के द्वारा थाना-रनचिरई में उपस्थित होकर मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी नाबालिग पुत्री/पीड़िता उसके ससुराल ग्राम कोसा में उसके साला के घर वर्ष 2020 से रहकर पढ़ाई कर रही है, जो दिनांक 03.04.2023 को ग्राम कोसा से पार्टी मनाने जा रही हूँ, कहकर घर से सायकल लेकर निकली और सायकल को मचांदूर चौक के पास खड़ा करके चली गयी। पीड़िता के वापस नहीं आने पर उसके साला ने उसे फोन कर पीड़िता के घर से चले जाने की बात बतायी, जिसके बाद पीड़िता को आसपास एवं रिश्तेदारों के यहां पता-तलाश किये, पता नहीं चलने पर अज्ञात व्यक्ति के द्वारा पीड़िता को बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका के आधार पर कार्यवाही किये जाने का निवेदन किया। उक्त सूचना के आधार पर प्रधान आरक्षक सत्यवान चन्द्राकर के द्वारा पीड़िता के संबंध में अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध अंतर्गत संहिता की धारा 363 का अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना पत्र दर्ज प्रकरण को विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपी के कब्जे से पीड़िता को कारंजा से बरामद कर पीड़िता का कथन लिया गया, जहां पर पीड़िता ने बतायी कि आरोपी से उसका परिचय इंस्टाग्राम के माध्यम से हुआ था, दोनों मोबाईल से बातचीत करते थे। आरोपी उसे मोबाईल में प्रपोज कर प्यार करता हूँ, शादी करूंगा कहता था तब वह उसे नाबालिग हूँ कहकर मना कर देती थी। दिनांक 03-04-2023 को आरोपी से मिलने के लिए भिलाई गयी थी, जहां आरोपी नागपुर से भिलाई आया था, तब वे लोग ट्रेन के माध्यम से नागपुर, महाराष्ट्र गये थे, जहां नागपुर के सांई मंदिर में आरोपी उसके मांग में सिंदूर डालकर तथा मंगलसूत्र पहनाकर विवाह किया था। उसके बाद आरोपी उसे कारंजा महाराष्ट्र ले जाकर किराये के मकान में पत्नी बनाकर रखा था। वह कारंजा में 15 दिन तक साथ रहे थे, उस दौरान आरोपी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा । पीड़िता के उक्त बयान के आधार पर प्रकरण में संहिता की धारा 363, 366, 376 (2) (एन) एवं संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 3/4, 5 (ठ)/6 व 3 (2) (v) अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 जोड़कर सम्पूर्ण विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र दिनांक 08.06.2023 को प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना स.उ.नि. – सीता गोस्वामी, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस-गीता वाधवानी व उपनिरीक्षक-यामन कुमार देवांगन के द्वारा किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

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