नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने पर मिला 20 वर्ष का कारावास



बालोद। कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी लोकेश कुमार चुरेन्द्र उम्र-27 वर्ष, निवासी-सहगांव, थाना-डौण्डीलोहारा, जिला-बालोद (छ.ग.) को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 6 के आरोप में बीस वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रुपए अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। व्यतिक्रम पर छः माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किया गया। प्रकरण का संक्षिप्त विवरण बसंत कुमार देशमुख, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार-दिनांक 02-04-2022 को प्रार्थिया / पीड़िता के द्वारा थाना डौण्डीलोहारा में उपस्थित होकर आरोपी लोकेश कुमार चुरेन्द्र के विरूद्ध लिखित शिकायत पेश कर बतायी कि आरोपी लोकेश कुमार चुरेन्द्र उसके घर खेती कार्य से आना-जाना करता था। माह मार्च 2021 में दोपहर को आरोपी लोकेश उसके घर आया, उस समय उसके माता पिता काम पर गये थे, आरोपी उससे ‘मैं तुमसे प्यार करता हूँ, शादी करूंगा, कहकर उसके मना करने के बाद भी उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया। उसके बाद जब उसके घर में कोई नहीं रहता था, तब आरोपी उसके घर आकर उसे नाबालिग जानते हुए उसके साथ बार-बार जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाता था। आरोपी लोकेश उसे बार-बार फोन कर परेशान करते रहता था, तब उसने सभी बातें अपनी माँ को बतायी, तब दिनांक 01/04/2022 को उसके माता-पिता गांव में उक्त घटना के बारे में बैठक बुलाये, जिसमें आरोपी को समझाईश दिये थे। आरोपी के द्वारा पहली बार दिनांक 10-03-2021 को शारीरिक संबंध बनाया था। प्रार्थिया / पीड़िता के उपरोक्त लिखित शिकायत के आधार पर विवेचना अधिकारी निरीक्षक टी.एस. पट्टावी के द्वारा थाना डौण्डीलोहारा में अपराध क्रमांक-62/2022 अंतर्गत संहिता की धारा 376 (2) (ढ) एवं संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 4, 5(ठ)/6 अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना पत्र दर्ज कर प्रकरण को विवेचना में लिया गया। विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र दिनांक 17-05-2022 को प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना निरीक्षक टी.एस. पट्टावी, स.उ.नि. लता तिवारी के द्वारा किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

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