अभिलाषा अग्रवाल की सरल, सहज और सहयोगात्मक व्यवहार करने वाले अधिकारी के रूप में है जिले में एक अलग पहचान
बालोद/डौंडी – छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शुरू किए गए महत्वाकांक्षी योजना पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के सबसे लोकप्रिय कॉलम हमारे नायक में गणतंत्र दिवस के अवसर पर स्थान बनाने वाली जिले के डौण्डी विकासखण्ड की सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी श्रीमती अभिलाषा अग्रवाल अपने विकासखण्ड के सभी शिक्षकों को प्रोत्साहित कर विकासखण्ड के सभी विद्यार्थियों को पढ़ाई से जोड़े रखने में सफलता हासिल की हैं | श्रीमती अभिलाषा अग्रवाल सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के पद पर बालोद जिले के डौण्डी विकासखण्ड में पदस्थ है | हमारे नायक के राज्य ब्लॉग लेखक टीम के नेतृत्वकर्ता और ब्लॉग लेखक गौतम शर्मा ने इनके बारे में लिखे ब्लॉग में उल्लेख किया है कि कोरोना जैसी विषम परिस्थितियों में भी छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शुरू किये गए महत्वाकांक्षी योजना “पढ़ई तुंहर दुआर” का लाभ अपने विकासखण्ड के शत् प्रतिशत बच्चों तक पहुँचाने में इनकी अहम भूमिका रही है | श्रीमती अभिलाषा अग्रवाल जी डौण्डी विकासखण्ड में अपने सरल, सहज और सहयोगात्मक व्यवहार वाले अधिकारी के रूप में जानी जाती है | जो अपने विकासखण्ड के शिक्षकों के सभी प्रकार की समस्याओं का समाधान करने के लिए हमेशा तत्पर रहती है | शिक्षक भी बेझिझक इनके सामने अपनी समस्याओं को रखते है | श्रीमती अभिलाषा अग्रवाल टीम भावना के साथ काम करना पसंद करती है | उनका कहना है की हम अकेले कोई भी कार्य नहीं कर सकते है | किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें टीम भावना से काम करना बहुत जरूरी होता है |
अभिलाषा अग्रवाल के द्वारा पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए किये गए कार्य :-

पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के विकासखंड नोडल अधिकारी के दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन :- 7 अप्रैल 2020 को पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के प्रारंभ होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी महोदय द्वारा इन्हें पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम का विकासखण्ड नोडल अधिकारी का दायित्व सौंपा गया | नोडल अधिकारी का दायित्व मिलते ही इन्होंने पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए योजना बनाकर कार्य करना प्रारंभ कर दिया, जिसमें यह सफल रही |
शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का सीजी स्कूल के पोर्टल में शत् प्रतिशत पंजीयन :-
श्रीमती अभिलाषा अग्रवाल ने उच्च कार्यालय के निर्देशानुसार विकासखण्ड के सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का सीजी स्कूल की पोर्टल में शत प्रतिशत पंजीयन समयावधि में कराया |
ऑनलाईन क्लास लेने हेतु शिक्षकों को प्रशिक्षित करना :– पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के क्रियान्वयन में शुरूआती दिनों में काफी दिक्कतें आ रही थी, क्योंकि अधिकांश शिक्षक तकनीकी रूप से सक्षम नहीं थे | अभिलाषा अग्रवाल ने तत्काल विकासखण्ड के शिक्षकों को ऑनलाईन पोर्टल पर ऑनलाइन क्लास लेने में आ रही समस्याओं का समाधान करने के लिए विकासखण्ड स्तरों पर प्रशिक्षण का आयोजन करके उनकी समस्याओं का समाधान करने के साथ उन्हें प्रोत्साहित भी किया, जिसके फलस्वरूप डौण्डी विकासखण्ड के शिक्षकों ने ऑनलाइन क्लास में काफी अच्छा प्रदर्शन किया | नेटवर्क विहिन दूरस्थ वनांचल क्षेत्र होने के बावजूद भी सर्वाधिक ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन डौण्डी विकासखण्ड के शिक्षकों द्वारा ही कराया जा रहा है |
वर्चुअल स्कूल के निर्माण में जिले में अव्वल रहा डौण्डी विकासखण्ड :-

श्रीमती अग्रवाल के अथक् प्रयासों के फलस्वरूप वर्चुअल स्कूल के शत् प्रतिशत निर्माण में डौण्डी विकासखण्ड अव्वल रहा |
विद्यार्थियों के असाइनमेंट और शंका समाधान का प्रतिदिन निराकरण :- विद्यार्थियों के असाइनमेंट तथा शंका समाधान को प्रतिदिन निराकृत करने हेतु इनके द्वारा प्रतिदिन शिक्षकों से व्यक्तिगत सम्पर्क स्थापित किया जाता है , जिससे समय पर शिक्षक अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं |
ऑफलाइन वैकल्पिक शिक्षा व्यवस्था का सफल क्रियान्वयन :- इनके कुशल मार्गदर्शन में विकासखण्ड डौण्डी में पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के तहत् ऑफलाइन वैकल्पिक शिक्षा व्यवस्था पढ़ई तुंहर पारा, लाउडस्पीकर स्कूल तथा बुल्टू के बोल के माध्यम से सतत् रूप से बच्चों को शिक्षा प्रदान किया जा रहा है |
मोहल्ला क्लास में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और पढ़ाई को रूचिकर बनाने के लिए नवाचारी प्रयास :- श्रीमती अभिलाषा अग्रवाल जी द्वारा मोहल्ला क्लासों के निरीक्षण के दौरान शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य और मोहल्ला क्लास में पढ़ाई को रूचिकर बनाने के लिए कई नवाचारी गतिविधियां भी सतत् करायी जा रही है, जिसके फलस्वरूप मोहल्ला क्लास में बच्चों की उपस्थिति भी शत प्रतिशत रहती है | इनके द्वारा शिक्षकों को नवचारित करने हेतु लगातार प्रयास किया जा रहा है | नवाचारी गतिविधियां जैसे पत्तियों के माध्यम से विभिन्न आकृतियां बनाना, बिग बुक का निर्माण, चित्रकारी, विभिन्न पशु – पक्षियों के मुखोटे का निर्माण जैसे कार्य कराये जा रहे हैं |
मोबाईल के माध्यम से मॉनिटरिंग कर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से संवाद एवं समस्याओं का निराकरण :– इनके द्वारा पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के शुरूआत से ही शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से मोबाईल के माध्यम से भी प्रतिदिन सम्पर्क करके ऑनलाइन एवं ऑफलाइन पढ़ाई की जानकारी ली जा रही है और उनका उत्साहवर्धन किया जा रहा है |जिला शिक्षा अधिकारी आर. एल. ठाकुर ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित किया | इनके हमारे नायक के रूप में चयनित होने से पूरा जिला गौरान्वित है |
