बालोद। भारत शासन एवं छत्तीसगढ़ शासन के फाइलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ वर्ष 2027 तक के लक्ष्य के प्राप्ति हेतु कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशन में जिले में सामुहिक दवा सेवन अभियान चलाया जाना है। जिसकी रूपरेखा 10 फरवरी से 14 फरवरी 2025 तक बूथ लेबल तक दवा खिलाये जाना है। 15 फरवरी से 25 फरवरी 2025 तक घर-घर भ्रमण कर दवा खिलाना तथा 26 फरवरी से 28 फरवरी 2025 तक माप-अप राऊड चलाया जाना है। इस अभियान में शासन के सभी विभागो का सहयोग लिया जाना है।

जिसके लिये राज्य स्तर से तकनीकी निर्देश / दिशा निर्देश प्रसारित किए गए है। समस्त विभागो में आपसी समन्वय बनाने एवं कार्य के आवंटन हेतु 27 दिसंबर को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सभागार में समन्वय सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें कार्यक्रम का प्रारंभ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम. के सुर्यवंशी के प्रस्तावना उदबोधन से हुआ तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन रायपुर की ओर से आये हुए राज्य समन्वयक डॉ. मनोज सिंह द्वारा कार्यक्रम की पूर्ण जानकारी पी.पी.टी. के माध्यम से दी गयी। जिला नोडल अधिकारी डॉ. जी. आर.रावटे द्वारा सभी सहयोगी विभागो से समन्वय पर प्रकाश डाला गया। जिला कार्यक्रम प्रबंधक अखिलेश शर्मा द्वारा कार्ययोजना एवं आवश्यक सामग्रियों की समुचित उपलब्धता पर बात कही गई। इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग, आयुष चिकित्सा विभाग, औधोगिक प्रशिक्षण केन्द्र, मितानिन परियोजना के जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति रही। साथ ही साथ स्वास्थ्य विभाग की ओर से समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारी, समस्त विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक, समस्त खण्ड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी भी उपस्थित रहें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला मलेरिया कार्यालय की ओर से आर. के. सोनबोइर, सूर्यकांत साहू एवं पी.सी.आई. की ओर से दीपक सिंग सहयोग दिया गया है।
