गोरेलाल सोनी, डौंडी। सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से पद रिक्त होकर परीक्षा परिणाम प्रभावित होगा। डौंडी के कई स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। डौंडी नगर के बुनियादी शाला में अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षको की कमी होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यहां एक ही शिक्षक है जबकि इस शाला में प्राथमिक में कक्षा 1 ली से 5 वीं तक की कक्षाएं संचालित हो रही है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही कांग्रेस शासन द्वारा स्वामी आत्मानंद स्कूल संचालित किया गया। जिसके बाद इस स्कूल पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जबकि इस वर्ष से कक्षा 5 वीं बोर्ड परीक्षा हो गया है, अगर इसी तरह बच्चे पढ़ाई करते रहे तो उनका भविष्य अधर में रहेगा। यहां अटेंचमेंंट से कुछ शिक्षकों को रखा गया है, वह भी हिन्दी माध्यम के शिक्षक है। ऐसे ना तो शिक्षक ठीक से पढ़ा पा रहे है और ना ही बच्चों को समझ में आ रहा है। बीईओ के द्वारा शिक्षक दिया गया है वह हिन्दी माध्यम वाले है। जबकि अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षक बच्चों को किस तरह पढ़ा सकते हैं इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। वार्षिक परीक्षा को ध्यान में रखते हुए अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक की नियुक्ति जल्द करनी चाहिए। इसी तरह यहां के आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय में भी शिक्षकों की कमी है। यहां से इतिहास, राजनीति विज्ञान व संस्कृत के शिक्षक नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। बताया जा रहा है कि पांच शिक्षक के सेवानिवृत्त होने के बाद नए शिक्षकों की पदस्थापना नहीं की गई है। इसके कारण शिक्षक कम हो गए हैं। आने वाले समय में दो से तीन शिक्षक और सेवानिवृत्त हो जाएगे। ऐसे कुछ शिक्षक ही बच जाएगे। बच्चों की भविष्य को ध्यान में रखते हुए सभी खाली पदों को भरा जाना चाहिए। पालकों ने इस संबंध में कई बार चर्चा की लेकिन अब तक ध्यान नहीं दिया। जिला शिक्षा अधिकारी पीसी मरकले ने कहा कि अभी प्रधानपाठक के पद पर शिक्षकों की पदोन्नति हो रही है। जिससे कई स्कूलों में शिक्षक की कमी हो रही है। जहां भी शिक्षकोें की कमी है, वहां व्यव्स्था की जा रही है। कही भी शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई प्रभावित नहीं हो रही है।
सीबीएससी और स्वामी आत्मानंद के बच्चों का भविष्य अध्यापन में अधर पर ,जिम्मेदार कौन?
